कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने, चुनावी तंत्र में हेरफेर करने और चुनाव अधिकारियों को जवाबदेही से बचाने का आरोप लगाया। चुनाव सुधार, इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम), मुख्य चुनाव आयुक्त और महिला आरक्षण विधेयक जैसे कई मुद्दों पर बोलते हुए खड़गे ने कहा कि विपक्ष की यह लड़ाई सत्ता पाने के लिए नहीं बल्कि संविधान को बचाने के लिए है।
खड़गे ने मुख्य चुनाव आयुक्त एवं अन्य चुनाव आयुक्त अधिनियम, 2023 की धारा 16 की कड़ी आलोचना की, जो वर्तमान और पूर्व चुनाव आयुक्तों को उनके आधिकारिक कार्यों के लिए कानूनी छूट प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि जब भारत के राष्ट्रपति और भारत के मुख्य न्यायाधीश को भी पूर्ण छूट नहीं मिलती, तो यह कानून खासतौर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के माध्यम से सरकार को बिना किसी कानूनी परिणाम के गलतियां कराने के लिए बनाया गया है।
"हम भाजपा से कह रहे हैं कि उस कानून को वापस लें। क्योंकि आप चुनाव आयुक्त को सुरक्षा दे रहे हैं और उन्हें गलतियां करने दे रहे हैं। और आज जो भी गलतियां हुई हैं, वे ज्ञानेश कुमार के माध्यम से हुई हैं। आपने उन्हें छूट क्यों दी? यह इसलिए दी गई ताकि आप सिर्फ उन्हें आदेश देकर गलतियां करवा सकें और फिर माफ कर दें। मुख्य न्यायाधीश को छूट नहीं है। भारत के राष्ट्रपति को नहीं है। एक चुनाव आयुक्त को है," खड़गे ने कहा।
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विपक्ष की वोटिंग तकनीक को लेकर लंबे समय से चली आ रही आशंका को आगे बढ़ाते हुए खड़गे ने ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने, ईवीएम को समाप्त करने और पारंपरिक बैलेट पेपर लौटाने की मांग की। उन्होंने बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) के जरिए मतदाता सूचियों में हेरफेर रोकने के लिए सख्त जांच की भी मांग की।
"संवैधानिक व्यवस्था का पालन करें और आज जिसे आपने नियुक्त किया है, उस ज्ञानेश कुमार को हटाएं। उन्हें हटाने के साथ व्यवस्था भी बदलें। पुराना कानून वापस लाएं, ईवीएम हटाएं, बैलेट पेपर वापस लाएं, और वह सॉफ्टवेयर जो एक जगह बैठकर पूरे देश को नियंत्रित करता है। बीएलओ के जरिए मतदाता सूची में बदलाव करना बंद करें," उन्होंने कहा।
खड़गे ने कहा कि कांग्रेस लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए लड़ रही है, न कि किसी राजनीतिक दल की जीत सुनिश्चित करने के लिए। "अगर निष्पक्ष चुनाव हो, तो जो भी जीते, जीते। संविधान यह नहीं कहता कि कांग्रेस पार्टी या कोई और पार्टी जीतनी चाहिए। हम जीते भी हैं और हारे भी हैं। और हम लोकतंत्र को जिंदा रखने, संविधान को जिंदा रखने के लिए लड़ रहे हैं। हम इसे बचाने के लिए लड़ रहे हैं। हम किसी एक व्यक्ति के खिलाफ नहीं लड़ रहे। हम उस संस्था को ठीक करने के लिए काम कर रहे हैं, जिसे आपने बर्बाद कर दिया है," उन्होंने कहा।
सरकार के साथ पत्राचार पर बोलते हुए खड़गे ने केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के जवाब को खारिज करते हुए आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह, मंत्रियों और संवैधानिक पदाधिकारियों को "मोहरे" के रूप में इस्तेमाल कर विपक्ष के सवालों का सीधा जवाब देने से बचते हैं। "हम चाहते हैं कि जब मोदी जी और शाह जी खुद फैसला करें, तब यह हो। रिजिजू की चिट्ठी का कोई मतलब नहीं है। क्योंकि उनके पास इतनी ताकत नहीं है। वे उन्हें मोहरे की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं, जैसे ज्ञानेश कुमार को कर रहे हैं। वे खुद जवाब नहीं देते," उन्होंने कहा।
खड़गे ने सरकार को मनमाने ढंग से काम करने के खिलाफ चेताया और कहा कि अगर सरकार विपक्ष की चिंताओं का समाधान नहीं करती तो जनता उसे जवाबदेह ठहराएगी। "इसका मतलब यह नहीं कि आप जो चाहें कर सकते हैं। अगर आपने मनमाने ढंग से काम करने का मन बना लिया है, तो इस देश की जनता चुप नहीं बैठेगी। वे आपको हटा देंगे, आपके इरादों को कुचल देंगे, और मैं आज यह बात कह रहा हूं," उन्होंने कहा।
महिला आरक्षण विधेयक पर खड़गे ने प्रधानमंत्री मोदी पर परिसीमन प्रक्रिया की आड़ में कानून को टालने की राजनीतिक चाल चलने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण मौजूदा सदन की संख्या के आधार पर तुरंत लागू किया जा सकता है और किया जाना चाहिए। "आप एक-तिहाई महिला आरक्षण अभी लागू कर सकते हैं। सदन की मौजूदा संख्या जो भी हो, या परिसीमन की प्रक्रिया हो, उसी का इस्तेमाल कर एक-तिहाई कर दीजिए। आपको कौन रोक रहा है? आप जानबूझकर दूसरों को बदनाम कर रहे हैं और विपक्ष की बुराई कर रहे हैं कि देखिए, हम यह करना चाहते हैं और वे विरोध कर रहे हैं। अगर हम विरोध कर रहे होते, तो क्या हम पहले यह कानून पास करते?" उन्होंने कहा। खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर महिला आरक्षण के क्रियान्वयन को लेकर जनता को गुमराह करने का भी आरोप लगाया। "यह मोदी जी की चाल है। वे इसे आगे ले जाना चाहते हैं और झूठ बोलकर लोगों को धोखा दे रहे हैं," उन्होंने कहा।
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