मेघालय में बुधवार को यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (यूडीपी) के आठ विधायक भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में शामिल हो गए। नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू और बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा की मौजूदगी में इन विधायकों ने पार्टी की सदस्यता ली। इन सभी विधायकों ने 2023 के मेघालय विधानसभा चुनाव में अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए आरक्षित सीटों से जीत हासिल की थी।
बीजेपी में शामिल होने वाले विधायकों में अमलारेम से लखमेन रिम्बुई, रानीकोर से पायस मारवेन, खलीह्रियाट से किर्मेन श्यल्ला, नोंगपोह से मायरालबॉर्न सिएम, मावफलांग से मैथ्यू बियॉन्डस्टार कुर्बाह, मावसिनराम से ओलान सिंह सुइन, शेला से बालाजिएद कुआपर सिनरेम और सोहियॉन्ग से सिनशार लिंगडोह थबाह शामिल हैं।
केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने आठों विधायकों का बीजेपी में स्वागत किया। उन्होंने कहा कि ये विधायक पहले यूडीपी का हिस्सा थे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों के दौरान पूर्वोत्तर तथा मेघालय में हुए विकास और बदलाव से प्रभावित हुए हैं। रिजिजू ने बीजेपी सरकार के विकास कार्यों को लेकर भी इन विधायकों के रुख का उल्लेख किया।
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विधानसभा में बदला गणित
आठ विधायकों के बीजेपी में शामिल होने के बाद 60 सदस्यीय मेघालय विधानसभा में बीजेपी की संख्या दो से बढ़कर 10 हो गई है। पार्टी अब नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के बाद विधानसभा में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी है। एनपीपी के 33 विधायक हैं।
दूसरी ओर, यूडीपी के पास अब चार विधायक रह गए हैं—नुजोरकी सुंगोह, पॉल लिंगदोह, मेतबाह लिंगदोह और रेनिकटन लिंगदोह टोंगखार। बीजेपी और यूडीपी दोनों सत्तारूढ़ मेघालय डेमोक्रेटिक अलायंस (एमडीए) के गठबंधन सहयोगी बने हुए हैं।
एमडीए सरकार को हिल स्टेट पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (एचएसपीडीपी) के दो विधायकों और दो निर्दलीय विधायकों का भी समर्थन प्राप्त है। विपक्ष में ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस के पांच और वॉयस ऑफ द पीपल पार्टी के चार विधायक हैं।
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