महाराष्ट्र की राजनीति में केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने एक दिलचस्प बयान देकर सियासी चर्चाओं को हवा दे दी है। उन्होंने दावा किया है कि वह मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे को हमेशा के लिए एक साथ ला सकते हैं। हाल ही में राज ठाकरे ने एक कार्यक्रम में दोनों नेताओं को एक ही मंच पर लाकर सबको चौंका दिया था। इसी पर चुटकी लेते हुए आठवले ने कहा कि राज ठाकरे ने जो काम एक दिन के लिए किया, वह उसे हमेशा के लिए करने की कोशिश कर सकते हैं।
‘दोनों का एक मंच पर आना भी मुश्किल था’
रामदास आठवले ने मजाकिया अंदाज में कहा कि एक समय ऐसा था, जब देवेंद्र फडणवीस और उद्धव ठाकरे का एक मंच पर आना भी मुश्किल माना जाता था। लेकिन राज ठाकरे ने दोनों को एक साथ मंच साझा करने का मौका दिया। उन्होंने कहा कि शादी और सामाजिक समारोहों में नेता अक्सर एक-दूसरे से मिलते हैं। ऐसे में वह भी प्रयास कर सकते हैं कि दोनों नेता भविष्य में स्थायी रूप से साथ आ जाएं।
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जब आठवले से पूछा गया कि वह यह पहल कब करेंगे, तो उन्होंने कोई स्पष्ट समयसीमा नहीं बताई।
एमएलसी चुनाव के नतीजों पर भी बोले आठवले
उनका बयान महाराष्ट्र और कर्नाटक के विधान परिषद चुनावों के नतीजों के बाद आया है। आठवले ने कहा कि कुल 28 सीटों में एनडीए को सबसे अधिक सीटें मिली हैं। हालांकि, उन्होंने महाराष्ट्र में गठबंधन के प्रदर्शन को उम्मीद से कमजोर माना। उन्होंने स्वीकार किया कि एनडीए सभी पांच सीटें जीतने की कोशिश में सफल नहीं हो पाया।
आठवले ने कर्नाटक में कांग्रेस को हुए नुकसान का भी जिक्र किया और कहा कि नागपुर में कांग्रेस को एक सीट मिली।
भाजपा-शिवसेना के मतभेद सुलझने की उम्मीद
एमएलसी चुनावों के बाद भाजपा और शिवसेना के बीच सामने आई बयानबाजी पर आठवले ने कहा कि राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप सामान्य हैं। उन्होंने माना कि चुनाव में कुछ सीटें गंवाने के बाद महायुति के घटक दलों के बीच मतभेद सामने आए हैं।
हालांकि, उन्होंने भरोसा जताया कि भाजपा और शिवसेना के नेता बातचीत के जरिए इन मतभेदों को दूर कर लेंगे। उनके मुताबिक, गठबंधन में ऐसी स्थिति को लेकर ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं है।
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