महाराष्ट्र में नगर निगम चुनावों के नतीजों के एक दिन बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) की महायुति ने इन चुनावों में शानदार जीत दर्ज की है। इसी के बाद एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने अपने सभी नवनिर्वाचित पार्षदों को मुंबई बुलाया है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, शिवसेना के सभी निर्वाचित पार्षदों को शनिवार (17 जनवरी, 2026) को मुंबई के बांद्रा इलाके स्थित एक पांच सितारा होटल में आयोजित बैठक में शामिल होने के लिए कहा गया है। यह कदम नगर निगमों में मेयर पद के चयन को लेकर रणनीति बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है। सूत्रों ने बताया कि मेयर के नाम पर अंतिम फैसला होने तक इन पार्षदों को उसी होटल में ठहराया जा सकता है।
राजनीतिक गलियारों में इस कदम को अहम माना जा रहा है, क्योंकि महाराष्ट्र में नगर निगमों की सत्ता पर नियंत्रण राज्य की राजनीति में बड़ी भूमिका निभाता है। महायुति की जीत के बाद विपक्षी दलों की गतिविधियों पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है। ऐसे में पार्षदों को एक साथ रखना और पार्टी लाइन से जुड़े रखना रणनीतिक रूप से जरूरी समझा जा रहा है।
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शिवसेना नेतृत्व का मानना है कि सभी पार्षदों की एकजुटता बनाए रखना आवश्यक है, ताकि मेयर पद के चुनाव में किसी तरह की टूट-फूट या असहमति की स्थिति न बने। इससे पहले भी महाराष्ट्र की राजनीति में ऐसे उदाहरण देखने को मिले हैं, जब चुनाव परिणामों के बाद दलों ने अपने निर्वाचित प्रतिनिधियों को रिसॉर्ट या होटल में ठहराया है।
इस बैठक में न सिर्फ मेयर पद को लेकर चर्चा होगी, बल्कि नगर निगमों के संचालन, सत्ता-साझेदारी और आगामी राजनीतिक रणनीति पर भी मंथन किए जाने की संभावना है। आने वाले दिनों में यह साफ हो जाएगा कि महायुति की जीत का असर स्थानीय निकायों की राजनीति पर किस तरह पड़ता है।
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