कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने गुरुवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा आई-पैक प्रमुख प्रतीक जैन के आवास पर किए गए दौरे को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच में “सीधा हस्तक्षेप” करार दिया है। उन्होंने इस कदम को असंवैधानिक और अनैतिक बताते हुए केंद्रीय एजेंसी से मुख्यमंत्री के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग की।
सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि जब कोलकाता के लाउडन स्ट्रीट स्थित प्रतीक जैन के घर ईडी की छापेमारी चल रही थी, उसी दौरान मुख्यमंत्री और कोलकाता के पुलिस आयुक्त का वहां पहुंचना जांच प्रक्रिया को प्रभावित करने वाला कदम है। उन्होंने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, “मुझे लगता है कि मुख्यमंत्री और कोलकाता पुलिस आयुक्त का वहां जाना अनैतिक, असंवैधानिक और केंद्रीय एजेंसी की जांच में प्रत्यक्ष हस्तक्षेप है।”
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि संवैधानिक पद पर बैठा व्यक्ति यदि जांच एजेंसियों की कार्रवाई के दौरान इस तरह से हस्तक्षेप करता है, तो इससे कानून के शासन पर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि ईडी को निष्पक्ष रूप से अपना काम करने दिया जाना चाहिए, बिना किसी राजनीतिक दबाव के।
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सुवेंदु अधिकारी ने इससे पहले की एक घटना का भी जिक्र किया, जब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की छापेमारी के दौरान तत्कालीन कोलकाता पुलिस आयुक्त राजीव कुमार के सरकारी आवास पर पहुंची थीं। उन्होंने दावा किया कि यह पैटर्न दर्शाता है कि मुख्यमंत्री बार-बार केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई में हस्तक्षेप करती रही हैं।
उन्होंने कहा कि इस तरह के कदम न केवल संवैधानिक मर्यादाओं के खिलाफ हैं, बल्कि जनता के बीच यह संदेश भी देते हैं कि सत्ता में बैठे लोग जांच से ऊपर हैं। भाजपा नेता ने दोहराया कि कानून सभी के लिए समान होना चाहिए, चाहे वह कितना भी बड़ा पद क्यों न हो।
इस मामले पर राज्य सरकार या मुख्यमंत्री की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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