बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव करीब एक महीने बाद रविवार (11 जनवरी 2026) को अपने यूरोप दौरे से पटना लौटे। पटना हवाई अड्डे पर पहुंचते ही उन्होंने हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनाव को लेकर सत्तारूढ़ गठबंधन पर गंभीर आरोप लगाए। तेजस्वी यादव ने कहा कि सत्तारूढ़ दल ने चुनाव “पैसे और हेराफेरी” के दम पर जीता है।
मीडिया से बातचीत करते हुए तेजस्वी यादव ने स्पष्ट किया कि वे नई सरकार के गठन के शुरुआती 100 दिनों तक उसके कामकाज पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि इस अवधि के दौरान वे नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार की गतिविधियों और फैसलों पर करीबी नजर रखेंगे। उनका कहना था कि यह देखना जरूरी है कि नई सरकार चुनाव के दौरान अपने घोषणा पत्र में किए गए वादों को कितनी गंभीरता से पूरा करती है।
तेजस्वी यादव ने कहा कि जनता से किए गए वादों को पूरा करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है और विपक्ष का काम सरकार की जवाबदेही तय करना होता है। उन्होंने कहा कि 100 दिनों के बाद वे सरकार के प्रदर्शन का आकलन करेंगे और उसके आधार पर जनता के सामने अपनी बात रखेंगे।
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उन्होंने यह भी कहा कि राज्य की जनता ने चुनाव में जिन मुद्दों को प्रमुखता दी थी, उन पर सरकार को काम करना चाहिए। रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और कानून-व्यवस्था जैसे विषयों पर सरकार की नीतियों और फैसलों पर विपक्ष लगातार नजर रखेगा। तेजस्वी यादव ने संकेत दिया कि यदि सरकार अपने वादों से पीछे हटती है या जनता की अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतरती, तो विपक्ष सड़क से लेकर सदन तक अपनी आवाज बुलंद करेगा।
राजद नेता ने अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं से भी अपील की कि वे धैर्य रखें और लोकतांत्रिक तरीके से सरकार की नीतियों और फैसलों पर निगरानी रखें। उन्होंने कहा कि विपक्ष की भूमिका केवल आलोचना करना नहीं, बल्कि जनता के हितों की रक्षा करना भी है।
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