कश्मीर के मीरवाइज उमर फारूक ने जम्मू-कश्मीर की पहचान और अधिकारों की रक्षा तथा उनकी बहाली के लिए राजनीतिक नेताओं से मिलकर काम करने की अपील की है। उन्होंने श्रीनगर के सांसद आगा सैयद रूहुल्लाह मेहदी समेत सभी नेताओं से क्षेत्र के व्यापक हितों को प्राथमिकता देने का आग्रह किया।
उमर फारूक की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब नेशनल कॉन्फ्रेंस के भीतर जम्मू-कश्मीर से जुड़े राजनीतिक मुद्दों को लेकर मतभेद सार्वजनिक हो रहे हैं। उन्होंने पार्टी की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिन मुद्दों को लेकर नेशनल कॉन्फ्रेंस ने जनता से जनादेश मांगा था, वे जमीन पर पर्याप्त रूप से दिखाई नहीं दे रहे हैं।
उमर फारूक ने कहा कि आगा रूहुल्लाह समेत सभी नेताओं को जम्मू-कश्मीर की पहचान बहाल करने की दिशा में काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को आपसी मतभेदों में उलझने के बजाय जनता के अधिकारों और क्षेत्र के बड़े हितों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
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दरअसल, नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला और श्रीनगर सांसद आगा रूहुल्लाह के बीच मतभेद हाल के दिनों में खुलकर सामने आए हैं। आगा रूहुल्लाह ने पार्टी नेतृत्व की राजनीतिक और संगठनात्मक स्थिति पर सवाल उठाए हैं। विवाद का एक प्रमुख मुद्दा अनुच्छेद 370 की बहाली को लेकर पार्टी का रुख और जनता से किए गए राजनीतिक वादे हैं।
शुक्रवार को आगा रूहुल्लाह ने लोकसभा और नेशनल कॉन्फ्रेंस, दोनों से इस्तीफा देने की इच्छा भी जताई थी। यह घटनाक्रम पार्टी के भीतर बढ़ते तनाव को दर्शाता है।
उमर फारूक ने इन परिस्थितियों के बीच नेताओं से आंतरिक विवादों से ऊपर उठकर जम्मू-कश्मीर के व्यापक हितों के लिए सामूहिक प्रयास करने की अपील की। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की पहचान और अधिकारों की बहाली जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों से राजनीतिक ध्यान भटकना नहीं चाहिए।
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