उत्तर प्रदेश विधान परिषद की स्नातक और शिक्षक कोटे की 11 सीटों के लिए मंगलवार सुबह 8 बजे से मतगणना शुरू होगी। इन सीटों के लिए हुए चुनाव में 5 स्नातक और 6 शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में कुल 14,81,310 मतदाताओं के लिए मतदान कराया गया था। चुनाव मैदान में 152 प्रत्याशी थे और कुल 55.24% मतदान दर्ज किया गया था।
मतगणना लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ, झांसी, बरेली और गोरखपुर में सात स्थानों पर संबंधित रिटर्निंग ऑफिसर की मौजूदगी में कराई जाएगी। इन चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और समाजवादी पार्टी (सपा) के बीच सीधा मुकाबला माना जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और सपा प्रमुख अखिलेश यादव के लिए यह चुनाव 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक ताकत परखने का अवसर माना जा रहा है। मौजूदा स्थिति में इन 11 सीटों में से 6 पर भाजपा, 3 पर सपा और एक-एक सीट पर निर्दलीय व शिक्षक गुट का कब्जा था।
एक सीट पर भाजपा के ध्रुव त्रिपाठी और सपा के डॉ. संजयन त्रिपाठी के बीच मुख्य मुकाबला है। संजयन त्रिपाठी भाजपा के बागी नेता रहे हैं, जिन्हें सपा ने अंतिम समय में उम्मीदवार बनाया। प्रचार के दौरान स्नातक कोटे के भाजपा एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह ने नाराजगी जताते हुए सपा प्रत्याशी के समर्थन में पत्र जारी किया था, जबकि भाजपा के एक अन्य बागी अजय सिंह निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में हैं। इस सीट पर 79.01% मतदान हुआ।
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एक अन्य सीट पर भाजपा के डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह, जिन्हें गुरुजी के नाम से जाना जाता है और जो 2020 में विजयी हुए थे, का मुकाबला सपा के शशांक यादव उर्फ सीटू से है। यहां 51% मतदान हुआ।
भाजपा के अवनीश कुमार सिंह और सपा की कांति सिंह के बीच एक राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सीट पर मुकाबला है, जहां सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने स्वयं प्रचार किया था। कांति सिंह के पति डॉ. एसपी सिंह यहां से एमएलसी रह चुके हैं और 2020 में कांति सिंह केवल 6,403 वोटों से हारी थीं। यहां 38.02% मतदान हुआ।
भाजपा के दिनेश गोयल और सपा के प्रमेंद्र भाटी के बीच पश्चिमी उत्तर प्रदेश की एक अहम सीट पर कड़ी टक्कर मानी जा रही है, जहां 39.81% मतदान हुआ। भाजपा के केदारनाथ सिंह और सपा के मौजूदा एमएलसी आशुतोष सिन्हा के बीच मुकाबले वाली सीट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र से जुड़ी है, जहां 2020 में केदारनाथ सिंह मात्र 3,850 वोटों से हारे थे। यहां 41.01% मतदान हुआ और प्रदेश सरकार के 6 मंत्रियों व 30 से अधिक विधायकों को प्रचार में लगाया गया था।
अन्य सीटों पर भाजपा के अशोक कुमार राठौर और सपा के डॉ. मानसिंह यादव, भाजपा के उमेश द्विवेदी और सपा के सुशील कुमार पटेल, भाजपा के श्रीचंद शर्मा और सपा के नितिन कुमार तोमर, भाजपा के डॉ. हरि सिंह ढिल्लो और सपा के हाजी मोहम्मद दानिश अख्तर, भाजपा के डॉ. प्रमोद मिश्रा और मौजूदा एमएलसी सपा के लालबिहारी यादव, तथा भाजपा के इंजीनियर हरिकिशोर तिवारी और सपा के आकाश अग्रवाल के बीच मुकाबले हैं।
मतदान के दिन प्रदेश के 25 से 32 स्थानों पर विवाद की खबरें सामने आई थीं, जिनमें फतेहपुर के विजयीपुर ब्लॉक, मुजफ्फरनगर, वाराणसी, गोरखपुर, मैनपुरी, फर्रुखाबाद, औरैया और आगरा शामिल हैं। आगरा खंड के तीन बूथों पर 26 अक्टूबर को दोबारा मतदान कराया गया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशभर में 5 बड़ी सभाएं कीं, जबकि अखिलेश यादव केवल अयोध्या के एक निजी कार्यक्रम में ही सक्रिय दिखे।
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