भारत के शीर्ष धावक अनिमेष कुजूर और गुरिंदरवीर सिंह ने भुवनेश्वर में विश्व एथलेटिक्स कॉन्टिनेंटल टूर सिल्वर प्रतियोगिता में पुरुषों की 100 मीटर दौड़ में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं किया। हालांकि, दोनों एथलीटों ने इस प्रदर्शन को लेकर निराश होने के बजाय आगामी आइची-नागोया एशियाई खेलों में शानदार प्रदर्शन करने का भरोसा जताया है।
कलिंगा स्टेडियम में शनिवार, 22 अगस्त 2026 को आयोजित 100 मीटर दौड़ में अनिमेष कुजूर 10.32 सेकंड के समय के साथ छठे स्थान पर रहे। इस सत्र में उनका सर्वश्रेष्ठ व्यक्तिगत समय 10.14 सेकंड है। उन्होंने 1 अगस्त को बेल्जियम में 10.30 सेकंड का समय दर्ज किया था। ऐसे में भुवनेश्वर में उनका प्रदर्शन उनके मौजूदा सर्वश्रेष्ठ समय से कुछ पीछे रहा।
दूसरी ओर, गुरिंदरवीर सिंह ने 10.39 सेकंड का समय निकालकर नौवां स्थान हासिल किया। उनका यह समय पिछले महीने ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में हीट्स के दौरान दर्ज किए गए समय के बराबर रहा।
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गुरिंदरवीर सिंह ने इसी साल मई में रांची में आयोजित फेडरेशन प्रतियोगिता के दौरान 10.09 सेकंड का समय निकालकर अनिमेष कुजूर का राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा था। इस प्रदर्शन के बाद उनसे आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीदें बढ़ गई हैं।
हालांकि भुवनेश्वर में दोनों धावक पदक की दौड़ में प्रभाव नहीं छोड़ सके, लेकिन उन्होंने आगामी एशियाई खेलों को लेकर सकारात्मक रुख बनाए रखा है। एथलेटिक्स में 100 मीटर दौड़ को सबसे प्रतिस्पर्धी स्पर्धाओं में माना जाता है और मामूली समय का अंतर भी अंतिम परिणाम पर बड़ा प्रभाव डाल सकता है।
अनिमेष कुजूर और गुरिंदरवीर सिंह के लिए इस प्रतियोगिता का प्रदर्शन एक सीख के रूप में देखा जा रहा है। दोनों का लक्ष्य अब अपनी तकनीक, गति और फिटनेस पर काम करते हुए एशियाई खेलों के समय अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना है।
आइची-नागोया एशियाई खेलों में भारतीय एथलेटिक्स दल से काफी उम्मीदें हैं। ऐसे में देश के दो प्रमुख स्प्रिंटर अपनी कमियों को दूर कर प्रतियोगिता के बड़े मंच पर मजबूत वापसी करना चाहेंगे।
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