तमिलनाडु भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने मंगलवार (2 जून 2026) को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन को अपना इस्तीफा सौंप दिया था। इस घटनाक्रम के बाद उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर अटकलें और तेज हो गई हैं।
सूत्रों के अनुसार, अन्नामलाई के नई राजनीतिक पार्टी बनाने की संभावनाओं को लेकर चर्चा जोरों पर है, हालांकि इस पर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इस्तीफे के बाद उनकी यह दिल्ली यात्रा और शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात को काफी अहम माना जा रहा है।
इससे पहले, अन्नामलाई ने कहा था कि वह दो दिनों में अपने अगले कदम को लेकर स्थिति स्पष्ट करेंगे। उन्होंने कहा था, “कृपया प्रतीक्षा करें, हम दो दिनों में बैठकर बात करेंगे।” उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में यह चर्चा तेज हो गई कि वह जल्द ही बड़ा ऐलान कर सकते हैं।
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मदुरै और कोयंबटूर में उनके समर्थकों द्वारा लगाए गए पोस्टरों में उनसे तमिलनाडु को “बचाने के लिए नया अवतार” लेने की अपील की गई है। माना जा रहा है कि वह 4 जून को अपने जन्मदिन पर कोई बड़ा राजनीतिक फैसला ले सकते हैं।
अन्नामलाई ने हाल ही में सीबीएसई द्वारा कक्षा 9 में त्रिभाषा नीति लागू करने के फैसले का विरोध किया था और इसे वापस लेने की मांग की थी। इसके बाद से ही उनके भाजपा नेतृत्व के साथ मतभेद की अटकलें और तेज हो गई थीं।
पूर्व आईपीएस अधिकारी अन्नामलाई ने 2021 विधानसभा चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, लेकिन हाल के समय में उन्हें प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाकर नैनार नागेंद्रन को जिम्मेदारी दी गई। इसके बाद से वे अपेक्षाकृत राजनीतिक रूप से कम सक्रिय नजर आए हैं।
अब उनकी अमित शाह से मुलाकात ने तमिलनाडु की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है।
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