पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व सरकारी बस चालक और बाद में पत्थर कारोबारी बने मिनार के ठिकानों से अब तक ₹28.5 करोड़ नकद और 15 किलोग्राम सोना बरामद किया है। अधिकारियों के अनुसार, नकदी की गिनती देर तक जारी रही और बरामद राशि लगातार बढ़ती गई। इस कार्रवाई को राज्य में हाल के वर्षों की सबसे बड़ी बरामदगियों में से एक माना जा रहा है।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने मिनार और उसके बेटे को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या अन्य स्थानों पर भी बड़ी मात्रा में नकदी या अन्य संपत्ति छिपाकर रखी गई है। पुलिस के अनुसार, मिनार फरार कारोबारी टुल्लू मंडल उर्फ मोहम्मद नजीबुद्दीन का साला है।
जांच में सामने आया है कि टुल्लू मंडल का नाम बीरभूम के पत्थर कारोबार से जुड़ा रहा है और उसे तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के बीरभूम जिला अध्यक्ष अनुब्रत मंडल का करीबी माना जाता रहा है। टुल्लू मंडल का नाम पहले सीबीआई की बहुचर्चित पशु तस्करी मामले की जांच में भी सामने आ चुका है।
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इस कार्रवाई के बाद राज्य सरकार ने कानून प्रवर्तन एजेंसियों की सराहना की। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि अवैध रेत और खनन माफिया के खिलाफ यह अभियान सराहनीय है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति जारी रहेगी और सार्वजनिक संसाधनों की लूट करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
इस बरामदगी ने वर्ष 2022 में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा तत्कालीन शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी के ठिकानों से लगभग ₹50 करोड़ नकद, सोने के आभूषण और विदेशी मुद्रा बरामद होने की घटना की याद भी ताजा कर दी। फिलहाल पुलिस और जांच एजेंसियां मामले के राजनीतिक और आर्थिक पहलुओं की गहन जांच में जुटी हैं।
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