कनाडा में स्थायी निवास (परमानेंट रेजिडेंसी-पीआर) प्राप्त करने वाले नए प्रवासियों की संख्या में वर्ष 2025 के दौरान उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। कनाडा के आप्रवासन, शरणार्थी एवं नागरिकता विभाग (आईआरसीसी) द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, जनवरी से मई 2025 के बीच नए स्थायी निवासियों की कुल संख्या घटकर 1,47,260 रह गई, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह संख्या 1,68,800 थी। इस प्रकार कुल मिलाकर लगभग 12.5 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई।
आंकड़ों के अनुसार, इस गिरावट का सबसे बड़ा प्रभाव भारतीय नागरिकों पर पड़ा है। वर्ष 2024 में जनवरी से मई के बीच 49,115 भारतीयों को स्थायी निवास मिला था, जबकि 2025 की समान अवधि में यह संख्या घटकर 36,910 रह गई। यानी भारतीय आवेदकों की संख्या में लगभग 25 प्रतिशत की कमी आई। कुल 21,540 नए स्थायी निवासियों की कमी में भारतीयों की हिस्सेदारी 57 प्रतिशत से अधिक रही।
एसोसिएशन फॉर कैनेडियन स्टडीज़ के अध्यक्ष जैक जेडवाब ने कहा कि जब सरकार किसी ऐसे आव्रजन वर्ग में कटौती करती है, जिसमें किसी एक देश के नागरिकों की भागीदारी अधिक होती है, तो उस देश पर इसका प्रभाव भी सबसे अधिक पड़ता है। उन्होंने कहा कि कनाडा ने तेज़ी से बढ़ते आव्रजन मॉडल से हटकर सरकार द्वारा नियंत्रित और सीमित आव्रजन नीति अपनाई है।
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आईआरसीसी ने स्पष्ट किया है कि सरकार का उद्देश्य वर्ष 2027 के बाद हर वर्ष नए स्थायी निवासियों की संख्या को देश की कुल आबादी के 1 प्रतिशत से कम स्तर पर स्थिर रखना है। साथ ही प्राथमिकता उन लोगों को दी जाएगी जो पहले से कनाडा में रह रहे हैं, काम कर रहे हैं और देश की अर्थव्यवस्था एवं समाज में योगदान दे रहे हैं।
आईआरसीसी के वार्षिक आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में कनाडा ने 3,93,530 नए स्थायी प्रवासियों को स्वीकार किया, जबकि वर्ष 2024 में यह संख्या 4,83,655 थी। यह लगभग 19 प्रतिशत की गिरावट है। भारतीय नागरिकों को दिए गए स्थायी निवास भी 1,27,375 से घटकर 98,770 रह गए। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2020 में यह संख्या 42,875 थी, जो वर्ष 2023 में बढ़कर 1,39,790 के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई थी।
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