चीन की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) स्टार्टअप कंपनी डीपसीक ने अपने पहले फंडिंग राउंड में 50 अरब युआन (लगभग 7.40 अरब अमेरिकी डॉलर) से अधिक की भारी-भरकम फंडिंग जुटाई है। इस फंडिंग के साथ कंपनी का मूल्यांकन 50 अरब डॉलर से अधिक बताया जा रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार, यह फंडिंग एक अनोखी संरचना के तहत की गई है, जिसका उद्देश्य कंपनी के संस्थापक के नियंत्रण को बनाए रखना है। इस डील के तहत निवेशकों को सीधे कंपनी डीपसीक में हिस्सेदारी नहीं दी गई, बल्कि उन्हें एक लिमिटेड पार्टनरशिप में निवेश करना पड़ा, जिसे कंपनी के सीईओ लियांग वेनफेंग द्वारा प्रबंधित किया जाता है।
इस संरचना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि निवेशकों को वोटिंग अधिकार (मतदान अधिकार) नहीं दिए गए हैं। साथ ही, निवेशकों के लिए पांच वर्षों की लॉक-इन अवधि तय की गई है, जिसके दौरान वे अपनी हिस्सेदारी को बेच या हस्तांतरित नहीं कर सकेंगे।
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विशेषज्ञों का मानना है कि यह फंडिंग मॉडल पारंपरिक निवेश ढांचे से अलग है और इसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि कंपनी का नियंत्रण संस्थापक के हाथों में मजबूत बना रहे। इससे निर्णय लेने की स्वतंत्रता और रणनीतिक दिशा पर बाहरी निवेशकों का प्रभाव सीमित रहेगा।
डीपसीक चीन की तेजी से उभरती एआई कंपनियों में से एक मानी जाती है, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और डेटा प्रोसेसिंग तकनीकों पर काम कर रही है। कंपनी का लक्ष्य वैश्विक एआई बाजार में अपनी मजबूत स्थिति बनाना है।
हालांकि इस तरह के निवेश ढांचे को लेकर तकनीकी और वित्तीय जगत में चर्चा भी तेज हो गई है। कुछ विशेषज्ञ इसे इनोवेटिव फंडिंग मॉडल मान रहे हैं, जबकि कुछ का मानना है कि इससे निवेशकों के अधिकार सीमित हो जाते हैं।
फिलहाल, इस बड़े निवेश के बाद डीपसीक की वैश्विक एआई प्रतिस्पर्धा में स्थिति और मजबूत होने की उम्मीद जताई जा रही है।
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