अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) ने मंगलवार को 2036 ओलंपिक खेलों की मेजबानी के इच्छुक देशों के लिए एक हैंडबुक जारी की है। इसमें मेजबान देश के चयन की प्रक्रिया, जरूरी शर्तों और आगे की समयसीमा की जानकारी दी गई है। भारत समेत सात देश फिलहाल 2036 ओलंपिक की मेजबानी की दौड़ में शामिल हैं।
आईओसी के अनुसार, जर्मनी, हंगरी, भारत, कतर, दक्षिण कोरिया, दक्षिण अफ्रीका और तुर्किये के राष्ट्रीय ओलंपिक समितियां इस समय 2036 खेलों की मेजबानी में रुचि रखने वाले पक्षों के तौर पर लगातार संवाद में हैं। आईओसी कार्यकारी बोर्ड ने प्रक्रिया के सिद्धांतों को मंजूरी दी थी, जबकि जून में लॉजेन में हुई 146वीं आईओसी बैठक ने इन्हें समर्थन दिया।
आईओसी के ढांचे के तहत 2036 ओलंपिक परियोजनाओं का मूल्यांकन कई तकनीकी मानकों पर किया जाएगा। इनमें खेल स्थलों की मास्टर प्लानिंग, खिलाड़ियों के अनुभव, वित्तीय व्यवस्था, राजनीतिक और सार्वजनिक समर्थन, खेलों के आयोजन की क्षमता तथा मेजबान समुदायों के लिए दीर्घकालिक लाभ सुनिश्चित करने वाली विरासत योजना शामिल है।
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इसके अलावा प्रत्येक दावेदार देश के ओलंपिक आयोजन के दृष्टिकोण का भी आकलन किया जाएगा। यह देखा जाएगा कि प्रस्तावित योजना स्थानीय विकास योजनाओं और व्यापक ओलंपिक आंदोलन के लक्ष्यों के साथ कितनी बेहतर तरीके से जुड़ती है।
आईओसी अध्यक्ष कर्स्टी कोवेंट्री ने कहा कि उन्होंने चार महाद्वीपों में पांच ओलंपिक खेलों में हिस्सा लिया और हर मेजबान ने अपनी संस्कृति तथा लोगों के माध्यम से खेलों को अलग पहचान दी। उन्होंने कहा कि भविष्य के हर मेजबान के लिए खिलाड़ियों को सर्वोच्च प्राथमिकता देना जरूरी होना चाहिए।
आईओसी ने बताया कि 31 अक्टूबर 2026 के बाद 2036 ओलंपिक के लिए किसी नए इच्छुक पक्ष पर विचार नहीं किया जाएगा। नवंबर 2026 में मौजूदा दावेदार फ्यूचर होस्ट कमीशन के सामने ऑनलाइन प्रस्तुति देंगे। मार्च 2027 तक परियोजनाओं का व्यवहार्यता आकलन किया जाएगा और इसी महीने आईओसी कार्यकारी बोर्ड 2036 के लिए रणनीतिक संवाद शुरू करेगा।
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