सियोल। भारतीय टेनिस टीम का 2026 डेविस कप अभियान दक्षिण कोरिया के हाथों 1-3 की हार के साथ समाप्त हो गया। सियोल में खेले गए दूसरे दौर के क्वालीफायर मुकाबले में दक्षिण कोरिया ने निर्णायक बढ़त हासिल कर फाइनल-8 में अपनी जगह पक्की कर ली। भारत की चुनौती सुमित नागल की एकल मुकाबले में हार के साथ समाप्त हुई।
भारत ने मुकाबले के दूसरे दिन की शुरुआत 0-2 से पिछड़ने के साथ की थी। इससे पहले शुक्रवार को खेले गए दोनों शुरुआती एकल मुकाबलों में भारतीय खिलाड़ियों को हार का सामना करना पड़ा था। हालांकि, शनिवार को एन. श्रीराम बालाजी और दक्षिणेश्वर सुरेश ने युगल मुकाबला जीतकर भारत की वापसी की उम्मीद जगाई।
दुनिया की 49वें नंबर की युगल जोड़ी बालाजी और सुरेश ने दक्षिण कोरिया के नाम जी-सुंग और पार्क उई-सुंग को 6-3, 3-6, 6-3 से मात दी। इस जीत के साथ भारत ने स्कोर 1-2 कर दिया और मुकाबले में रोमांच बढ़ गया।
और पढ़ें: डेविस कप 2026: सुरेश-बालाजी ने दक्षिण कोरिया को हराकर भारत को दिलाया पहला अंक
इसके बाद भारत के शीर्ष रैंकिंग वाले एकल खिलाड़ी सुमित नागल कोर्ट पर उतरे। उनके सामने दुनिया के 157वें नंबर के खिलाड़ी क्वोन सून-वू थे। क्वोन ने शुरू से ही मुकाबले पर पकड़ बनाए रखी और नागल को सीधे सेटों में 6-1, 6-2 से हराकर दक्षिण कोरिया को निर्णायक तीसरी जीत दिला दी।
नागल की हार के साथ दक्षिण कोरिया ने मुकाबला 3-1 से अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ मेजबान टीम नवंबर में इटली के बोलोन्या में होने वाले डेविस कप फाइनल-8 में खेलेगी।
भारत के लिए यह हार अगले डेविस कप अभियान को भी प्रभावित करेगी। अब भारतीय टीम को 2027 डेविस कप क्वालीफायर के पहले दौर में हिस्सा लेना होगा। टीम की कोशिश अगले अभियान में मजबूत वापसी कर फाइनल चरण की दौड़ में लौटने की होगी।
बालाजी और सुरेश की युगल जीत ने भारत को मुकाबले में वापस लाने की कोशिश जरूर की, लेकिन निर्णायक एकल मुकाबले में नागल की हार के बाद टीम की चुनौती समाप्त हो गई।
और पढ़ें: डेविस कप: सूनवू क्वोन से हारे डीके सुरेश, दक्षिण कोरिया ने भारत के खिलाफ बनाई 1-0 की बढ़त