मध्य पूर्व में जारी तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। ईरान और इजराइल के बीच एक बार फिर मिसाइल हमलों और जवाबी कार्रवाइयों का दौर देखा गया। इस बढ़ते संघर्ष के चलते क्षेत्रीय देशों में भी चिंता बढ़ गई है और सऊदी अरब में सुरक्षा अलर्ट जारी कर दिया गया है।
रिपोर्टों के अनुसार, ईरान ने इजराइल की ओर कम से कम तीन चरणों में मिसाइल हमले किए। जवाब में इजराइल ने भी कड़ी प्रतिक्रिया देने की चेतावनी दी है। इजराइली सेना का कहना है कि उसने कई मिसाइलों को अपने एयर डिफेंस सिस्टम के जरिए बीच रास्ते में ही रोक दिया।
इजराइल ने कहा है कि ईरान ने यह हमला करके “गंभीर गलती” की है और इसका “कड़ा जवाब” दिया जाएगा। हालांकि, इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से अपील की है कि वे जवाबी कार्रवाई न करें।
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ट्रंप ने एक टेलीफोनिक साक्षात्कार में कहा, “मैं अभी बीबी (नेतन्याहू) को फोन करके कहूंगा कि जवाब न दें। इजराइल और ईरान दोनों ने हमला कर लिया है, अब आगे और संघर्ष की जरूरत नहीं है।”
ईरान ने कहा कि यह हमला बेरूत और लेबनान में इजराइल की सैन्य कार्रवाई के जवाब में किया गया है, जिसमें दो लोगों की मौत और 20 से अधिक घायल हुए थे। इसके बाद ईरान ने संभावित जवाबी हमले की आशंका को देखते हुए अपना हवाई क्षेत्र भी बंद कर दिया है।
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने चेतावनी दी है कि यदि इस तरह की कार्रवाई दोबारा हुई, तो इसका जवाब और व्यापक होगा और पूरे क्षेत्र में अमेरिकी और इजराइली ठिकानों को निशाना बनाया जा सकता है।
इस पूरे घटनाक्रम ने मध्य पूर्व में शांति प्रयासों को और जटिल बना दिया है, जबकि वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ गई है।
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