मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। सोमवार को ईरान ने इजराइल पर बड़े पैमाने पर मिसाइल हमले किए, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में युद्ध की आशंकाएं बढ़ गई हैं। हमलों के जवाब में इजराइल ने कड़ी प्रतिक्रिया देने की चेतावनी दी है, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है।
रिपोर्टों के अनुसार, ईरान ने कम से कम तीन चरणों में इजराइल की ओर मिसाइलें दागीं। इजराइली सेना का दावा है कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने अधिकांश मिसाइलों को रास्ते में ही रोक दिया। हालांकि, तेल अवीव ने इन हमलों को “गंभीर गलती” करार देते हुए कहा है कि इसका जवाब शक्तिशाली तरीके से दिया जाएगा।
यह ताजा हमला बेरूत और लेबनान में इजराइल की सैन्य कार्रवाई के बाद हुआ है, जिसमें दो लोगों की मौत और 20 अन्य घायल हो गए थे। इसके बाद ईरान ने अपनी हवाई सीमा बंद कर दी है और संभावित जवाबी कार्रवाई की आशंका के मद्देनजर सुरक्षा बढ़ा दी है।
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इस बीच, डोनाल्ड ट्रंप ने इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से जवाबी हमला न करने का आग्रह किया है। एक टेलीफोनिक साक्षात्कार में ट्रंप ने कहा, “मैं अभी बीबी (बेंजामिन नेतन्याहू) को फोन करूंगा और उनसे कहूंगा कि जवाबी कार्रवाई न करें। इजराइल ने हमला किया, ईरान ने भी जवाब दिया। अब हमें एक और संघर्ष की जरूरत नहीं है।”
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अमेरिका और ईरान शांति समझौते के बेहद करीब हैं। वहीं, ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने चेतावनी दी है कि यदि उसके खिलाफ दोबारा आक्रामक कार्रवाई की गई तो जवाब और व्यापक होगा तथा क्षेत्र में अमेरिकी और जियोनिस्ट ठिकानों को भी निशाना बनाया जाएगा।
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं।
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