यूरोप में बढ़ते प्रवासी संकट के बीच इटली ने स्पेन के साथ शेंगेन क्षेत्र के तहत लागू खुली सीमा यात्रा व्यवस्था को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है। यह फैसला मोरक्को से स्पेन के स्वायत्त क्षेत्र सेउटा में बड़ी संख्या में प्रवासियों के पहुंचने के बाद लिया गया है। इस निर्णय का असर दोनों देशों के बीच हवाई और समुद्री यात्रा पर पड़ेगा। साथ ही स्पेन की शेंगेन सीमा-मुक्त यात्रा व्यवस्था, जिसके तहत 29 यूरोपीय देशों के बीच बिना नियमित सीमा जांच के आवाजाही संभव है, अस्थायी रूप से प्रभावित होगी।
इटली के विदेश मंत्री एंटोनियो तायानी ने इस निर्णय की घोषणा करते हुए कहा कि देश की सुरक्षा सुनिश्चित करने और यूरोपीय संघ की बाहरी सीमाओं की रक्षा के लिए यह कदम उठाना आवश्यक हो गया था। उनके अनुसार, हाल के दिनों में हजारों प्रवासी मोरक्को से सेउटा में प्रवेश कर गए, जिससे सीमा प्रबंधन पर अतिरिक्त दबाव बढ़ गया।
तायानी ने बताया कि यूरोपीय संघ के नियम सदस्य देशों को विशेष परिस्थितियों में सुरक्षा कारणों से अस्थायी रूप से सीमा नियंत्रण लागू करने की अनुमति देते हैं। इसी प्रावधान के तहत इटली ने स्पेन के साथ शेंगेन यात्रा व्यवस्था को एक महीने के लिए निलंबित करने का निर्णय लिया है। यह व्यवस्था आज से प्रभावी होगी।
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उधर, सेउटा पहुंचे लगभग 60 हजार प्रवासियों में से 48 हजार से अधिक लोगों को वापस मोरक्को भेजा जा चुका है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए स्पेन और मोरक्को ने अवैध रूप से सेउटा में प्रवेश करने वाले सभी प्रवासियों की शीघ्र वापसी सुनिश्चित करने पर सहमति जताई है।
स्पेन के गृह मंत्री फर्नांडो ग्रांदे-मार्लास्का ने कहा कि दोनों देश सीमा नियंत्रण को प्रभावी बनाने और मौजूदा हालात से निपटने के लिए मिलकर आवश्यक कदम उठा रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि आपसी सहयोग से सीमा पर सामान्य स्थिति जल्द बहाल की जा सकेगी। यूरोप में बढ़ते प्रवासन संकट के बीच इस घटनाक्रम को सीमा सुरक्षा और क्षेत्रीय सहयोग की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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