जम्मू-कश्मीर के सांबा ज़िले में अंतरराष्ट्रीय सीमा (आईबी) के पास संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोन देखे जाने के बाद सुरक्षा बलों ने शनिवार (31 जनवरी, 2026) को बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू किया। अधिकारियों के अनुसार, यह ड्रोन सांबा के चिल्लियारी गांव के पास अंतरराष्ट्रीय सीमा के साथ भारतीय क्षेत्र में कुछ समय तक मंडराता रहा और फिर कुछ मिनट बाद वापस पाकिस्तान की ओर लौट गया।
ड्रोन की गतिविधि सामने आने के बाद पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत गांव और आसपास के इलाकों में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि ड्रोन के ज़रिये हथियारों, गोला-बारूद या मादक पदार्थों की कोई एयरड्रॉपिंग न की गई हो। इसके लिए अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे कई संवेदनशील स्थानों की गहन जांच की गई।
सुरक्षा एजेंसियों ने ड्रोन की उड़ान के दौरान संभावित लैंडिंग पॉइंट्स, खेतों, खाली इलाकों और बस्तियों के आसपास विशेष निगरानी रखी। स्थानीय पुलिस और सीमा सुरक्षा बलों ने संयुक्त रूप से इलाके की तलाशी ली और ग्रामीणों से भी सतर्क रहने की अपील की।
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अधिकारियों के अनुसार, इससे एक दिन पहले यानी शुक्रवार (30 जनवरी, 2026) को भी सांबा ज़िले के रामगढ़ सेक्टर के रतनपुर गांव के पास अंतरराष्ट्रीय सीमा पर एक संदिग्ध ड्रोन को भारतीय क्षेत्र में कुछ देर के लिए उड़ते देखा गया था। उस घटना के बाद भी सुरक्षा बलों ने सतर्कता बढ़ा दी थी।
हाल के दिनों में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर ड्रोन गतिविधियों में बढ़ोतरी को लेकर सुरक्षा एजेंसियां पहले से ही अलर्ट पर हैं। ड्रोन का इस्तेमाल हथियार, नशीले पदार्थ और अन्य अवैध सामग्री पहुंचाने के लिए किए जाने की आशंका को देखते हुए सीमा क्षेत्रों में निगरानी और गश्त तेज कर दी गई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है और किसी भी संदिग्ध गतिविधि से सख्ती से निपटा जाएगा।
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