दमन और दीव में आयोजित हो रहे खेलो इंडिया बीच गेम्स खिलाड़ियों के लिए अपनी प्रतिभा दिखाने और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का एक बड़ा मंच बनकर उभरे हैं। ओडिशा की उमाबती पात्रा, जिन्होंने खेलो इंडिया बीच गेम्स के दूसरे संस्करण में पेंचक सिलाट स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता है, ने इस प्रतियोगिता को करियर के लिए बेहद अहम बताया और इस पहल के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया।
गुरुवार को अपनी प्रतिक्रिया देते हुए उमाबती पात्रा ने कहा कि इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेना उनके लिए एक यादगार अनुभव रहा। उन्होंने कहा कि स्वर्ण पदक जीतकर उन्हें बेहद खुशी हो रही है। पात्रा ने अपनी सफलता का श्रेय ओडिशा के खेल विभाग को दिया, जिसने प्रतियोगिता से पहले प्रशिक्षण के दौरान हर जरूरी सुविधा उपलब्ध कराई। उन्होंने बताया कि खिलाड़ियों के आहार, आवास और अभ्यास की बेहतर व्यवस्था की गई थी, जिससे प्रदर्शन में सुधार हुआ।
उमाबती पात्रा ने कहा कि खेलो इंडिया बीच गेम्स से पहले उन्होंने और उनकी टीम ने कड़ी मेहनत की थी और उसका सकारात्मक परिणाम देखने को मिला। उन्होंने अपने कोच प्रेम सिंह थापा का विशेष रूप से आभार जताया, जो राज्य संघ के सचिव भी हैं। पात्रा के अनुसार, प्रशिक्षण से लेकर प्रतियोगिता में भाग लेने तक सभी व्यवस्थाएं कोच और संघ द्वारा बेहतरीन तरीके से की गईं। उन्होंने कहा कि खेलो इंडिया एक विशाल मंच है, जिसने देशभर के खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का अवसर दिया है, और इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल सराहनीय है।
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इसी प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीतने वाली श्रेया ने भी खेलो इंडिया बीच गेम्स को एक बड़े अवसर के रूप में बताया। उन्होंने कहा कि इतने बड़े मंच पर पदक जीतना गर्व की बात है। श्रेया के अनुसार, खेलो इंडिया का स्तर लगभग अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता जैसा है और इससे खिलाड़ियों को आत्मविश्वास मिलता है।
खेलो इंडिया बीच गेम्स 2026 का आयोजन दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव के केंद्र शासित प्रदेश द्वारा किया जा रहा है। प्रतियोगिता का तकनीकी संचालन भारतीय खेल प्राधिकरण और संबंधित राष्ट्रीय खेल महासंघों की निगरानी में हो रहा है।
दूसरे संस्करण के खेलो इंडिया बीच गेम्स में 1,100 से अधिक खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। इसमें वॉलीबॉल, सॉकर, सेपक टकरॉ, कबड्डी, पेंचक सिलाट, ओपन वॉटर स्विमिंग, मल्लखंब और रस्साकशी सहित आठ खेल शामिल हैं। इनमें से छह खेल पदक स्पर्धाएं हैं, जिनमें कुल 32 स्वर्ण पदक दांव पर हैं। यह आयोजन देश में बीच स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने और नई प्रतिभाओं को मंच देने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
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