प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में नोएडा की 15 वर्षीय नाबालिग लड़की के खिलाफ दर्ज शिकायत वापस ले ली गई है। शिकायतकर्ता ने कहा कि अब वह इस मामले को आगे नहीं बढ़ाना चाहती, क्योंकि लड़की ने माफी मांग ली है और प्रधानमंत्री मोदी ने भी सार्वजनिक रूप से उसे माफ कर दिया है।
सुप्रीम कोर्ट की वकील स्मृति सिंह, जो गाजियाबाद के वसुंधरा क्षेत्र की रहने वाली हैं, ने बताया कि उन्होंने शुरुआत में आठ लड़कियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। इनमें नोएडा की नाबालिग लड़की पहली थी। इस मामले में 29 जुलाई को नोएडा एक्सप्रेसवे पुलिस थाने में जीरो एफआईआर दर्ज की गई थी।
मामला भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं के तहत दर्ज किया गया था, जिसमें जानबूझकर अपमान करने, सार्वजनिक शांति भंग करने वाले बयान और मानहानि जैसी धाराएं शामिल थीं।
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स्मृति सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा माफी की अपील किए जाने के बाद सभी लड़कियों ने वीडियो जारी कर माफी मांगी। उन्होंने कहा कि जब प्रधानमंत्री ने उन्हें माफ कर दिया तो उन्होंने भी शिकायत वापस लेने का फैसला किया। उन्होंने दिल्ली पुलिस और क्राइम ब्रांच को भी अपने निर्णय की जानकारी दे दी है।
प्रधानमंत्री मोदी ने घटना के बाद एक वीडियो संदेश में कहा था कि गालियां किसी समस्या का समाधान नहीं करतीं और लोगों को भटके हुए युवाओं का मार्गदर्शन करना चाहिए।
इस बीच, नोएडा के सेक्टर-168 स्थित उस आवासीय सोसाइटी में, जहां लड़की अपनी मां के साथ रहती थी, सुरक्षा कर्मियों ने बताया कि परिवार अब घर पर नहीं है। वीडियो वायरल होने के बाद से परिवार सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है। पुलिसकर्मी कई बार उनके घर पहुंचे थे।
परिवार ने पुलिस पर परेशान करने का आरोप लगाया था, हालांकि नोएडा पुलिस ने कहा कि उन्हें ऐसी कोई शिकायत नहीं मिली है। पुलिस के अनुसार, घटना दिल्ली में हुई थी, इसलिए जीरो एफआईआर दर्ज करने के बाद मामला दिल्ली पुलिस को भेज दिया गया।
लड़की की मां ने पहले प्रधानमंत्री से बेटी को माफ करने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि नाबालिग बेटी प्रदर्शन के दौरान प्रभावित हो गई थी। परिवार के वकील अनिल कुमार ने भी दावा किया कि एफआईआर में लड़की की उम्र गलत दर्ज की गई और वह नाबालिग है।
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