ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार का कार्यक्रम जारी है। तेहरान स्थित इमाम खुमैनी ग्रैंड मुसल्ला में रविवार को हजारों लोग उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि देने पहुंचे। लेकिन इस पूरे आयोजन में सबसे ज्यादा चर्चा उनके बेटे और उत्तराधिकारी माने जा रहे मोजतबा खामेनेई की गैरमौजूदगी को लेकर रही।
मोजतबा खामेनेई अपने पिता की अंतिम नमाज में शामिल नहीं हुए, जबकि उनके तीन भाई—मुस्तफा खामेनेई, मैसम खामेनेई और मसूद खामेनेई—समारोह में मौजूद रहे। तस्वीरों में तीनों भाइयों को अपने पिता के ताबूत के पास प्रार्थना करते हुए देखा गया।
इस अंतिम संस्कार में ईरान के शीर्ष नेतृत्व, जिनमें राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन, संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकेर कालीबाफ, आईआरजीसी प्रमुख जनरल अहमद वहीदी और कुद्स फोर्स कमांडर इस्माइल कानी शामिल थे। हालांकि मोजतबा खामेनेई पूरी तरह अनुपस्थित रहे।
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सूत्रों के अनुसार, मोजतबा पिछले समय से सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं। वह 28 फरवरी को अमेरिका और इज़राइल के संयुक्त हमलों के बाद से सार्वजनिक जीवन से दूर हैं। कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि वह उन हमलों में घायल हुए थे और उनका इलाज चल रहा है। हालांकि, ईरानी सरकार ने केवल इतना कहा है कि वह जीवित हैं, लेकिन उनकी कोई तस्वीर या वीडियो जारी नहीं किया गया है, जिससे उनके बारे में अटकलें और बढ़ गई हैं।
इस बीच, ईरान में रविवार को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया। अंतिम संस्कार में उमड़ी भारी भीड़ ने खामेनेई को श्रद्धांजलि दी और उनके समर्थकों ने उनके हत्यारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। कई लोगों ने बदले की भावना भी जताई।
वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अंतिम संस्कार में उमड़ी भीड़ पर हैरानी जताते हुए कहा कि उन्हें लगा था ईरान के लोग खामेनेई से नफरत करते हैं, लेकिन यह दृश्य उसके विपरीत था।
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