कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम ने शनिवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि मौजूदा विवाद के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त के लिए सबसे उचित कदम तत्काल इस्तीफा देना होगा।
पी. चिदंबरम की यह प्रतिक्रिया मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर सामने आए विवाद और निर्वाचन आयोग के भीतर कथित मतभेदों के बीच आई है। एक रिपोर्ट के अनुसार, निर्वाचन आयोग के दो चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कई मुद्दों पर लिखित आपत्तियां दर्ज की थीं। इनमें मतदाता जोड़ने, नाम हटाने और बहाल करने तथा मतदाता डेटा से जुड़े फैसलों पर सवाल उठाए गए थे।
हालांकि, निर्वाचन आयोग ने इन टिप्पणियों को निर्णय लेने की प्रक्रिया का हिस्सा बताया है और कहा है कि पिछले एक साल में उसके फैसले सर्वसम्मति से लिए गए।
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एसआईआर को लेकर विपक्षी दल लगातार निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। दो अक्टूबर को दिल्ली में भी एसआईआर और निर्वाचन आयोग के खिलाफ प्रदर्शन हुआ, जिसमें पुलिस ने करीब 500 लोगों को हिरासत में लिया था।
पी. चिदंबरम ने अपने बयान में ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे को मौजूदा परिस्थितियों में उचित कदम बताया। उनका बयान ऐसे समय आया है जब एसआईआर की प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक बहस तेज है।
इस बीच, एसआईआर से जुड़े मामलों पर न्यायिक स्तर पर भी गतिविधियां जारी हैं। सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कार्यप्रणाली और एसआईआर को चुनौती देने वाली एक याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति जताई है। याचिका में निर्वाचन आयोग के फैसलों और उसकी संवैधानिक कार्यप्रणाली से जुड़े मुद्दे उठाए गए हैं।
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