बिहार के पटना में शुक्रवार की दरमियानी रात हाई ड्रामा के बीच निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव को 1995 के जालसाजी मामले में गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक गिरफ्तारी उनके पटना स्थित आवास से की गई। इस दौरान उनके समर्थकों की भारी भीड़ जुट गई और पुलिस के साथ तीखी बहस भी हुई।
बताया जा रहा है कि पप्पू यादव संसद के बजट सत्र में शामिल होने के बाद दिल्ली से पटना लौटे थे और घर पहुंचने के करीब एक घंटे बाद ही पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने पहुंच गई। गिरफ्तारी के दौरान पप्पू यादव ने अपनी जान को खतरा बताते हुए आरोप लगाया कि पुलिस बिना वारंट के उन्हें पकड़ने आई है।
पुलिस के अनुसार यह मामला 1995 का है, जो पहले भारतीय दंड संहिता (IPC) के तहत दर्ज हुआ था और अब भारतीय न्याय संहिता (BNS) के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा रही है। पटना सिटी एसपी भानु प्रताप सिंह ने बताया कि सांसद पर आईपीसी की धारा 419, 420, 468, 448, 506 और 120बी के तहत केस दर्ज है। अदालत में सुनवाई चल रही थी और निर्धारित तारीख पर पेश न होने के कारण उन्हें गिरफ्तार किया गया।
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गिरफ्तारी के बाद पप्पू यादव को मेडिकल जांच के लिए IGIMS अस्पताल ले जाया गया और शनिवार को उन्हें अदालत में पेश किया जाएगा। हालांकि पप्पू यादव ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वह शनिवार को खुद अदालत में पेश होने वाले थे।
उन्होंने बिहार सरकार पर उन्हें निशाना बनाने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि हाल ही में एक नीट अभ्यर्थी की मौत और छात्राओं की सुरक्षा जैसे मुद्दे उठाने के कारण उन्हें परेशान किया जा रहा है।
इससे पहले पप्पू यादव ने छात्राओं के हॉस्टल से जुड़े गंभीर आरोप भी लगाए थे और राज्य सरकार से कार्रवाई की मांग की थी। गिरफ्तारी के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
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