फ्रांस की नौसेना के पूर्व पायलट पियरे-हेनरी चुएट को चीन के लिए कथित जासूसी करने के आरोपों के चलते हिरासत में लेकर पूछताछ की गई है। फ्रांसीसी जांच एजेंसियां उन पर सैन्य और विमानन क्षेत्र से जुड़ी संवेदनशील जानकारी चीनी एजेंटों तक पहुंचाने के आरोपों की जांच कर रही हैं। यह वही पूर्व पायलट हैं जिन्होंने वर्ष 2025 में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायुसेना के राफेल लड़ाकू विमानों को लेकर विवादित और अपुष्ट दावे किए थे।
फ्रांसीसी खोजी मीडिया संस्थान मीडियापार्ट की रिपोर्ट के अनुसार, चुएट पर आरोप है कि उन्होंने चीन से जुड़े लोगों के साथ सैन्य सूचनाएं साझा कीं। हालांकि, पूछताछ के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया, लेकिन उनके खिलाफ औपचारिक जांच जारी है।
रिपोर्टों के मुताबिक, चुएट के पास फ्रांस और कनाडा दोनों देशों की नागरिकता है। उन्होंने वर्ष 2021 तक फ्रांसीसी नौसेना के विमानन विंग में सेवा दी थी और विमानवाहक पोत चार्ल्स डी गॉल से सुपर एटेंडार्ड लड़ाकू विमान उड़ाए थे। यह भी आरोप है कि उन्होंने वर्ष 2018 और 2019 के दौरान चीन की गुप्त यात्राएं कीं तथा वहां एक विमानन कंपनी के माध्यम से चीनी सैन्य पायलटों के लिए प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए।
और पढ़ें: अमेरिका में पढ़ाई की फंडिंग पर बोले अभिजीत दीपके, तसलीमा नसरीन की टिप्पणी को किया खारिज
बताया गया है कि 20 जुलाई 2026 को फ्रांस की घरेलू खुफिया एवं आतंकवाद-रोधी एजेंसी डीजीएसआई ने उनके घर पर तलाशी ली और औपचारिक जांच शुरू की। हालांकि, चुएट ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों से इनकार किया है।
चुएट ने 10 मई 2025 को प्रकाशित एक वीडियो में दावा किया था कि पाकिस्तानी वायुसेना के जे-10सी लड़ाकू विमान ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय राफेल विमान को मार गिराया था। उन्होंने जे-10सी और जेएफ-17 को "राफेल किलर" तक बताया था। हालांकि, इस दावे की कभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई।
राफेल निर्माता कंपनी डसॉल्ट एविएशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एरिक ट्रैपियर ने पाकिस्तान के इन दावों को पूरी तरह खारिज किया था। वहीं भारत ने भी स्पष्ट किया था कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायुसेना का कोई भी राफेल लड़ाकू विमान क्षतिग्रस्त नहीं हुआ था।
और पढ़ें: ऑस्ट्रेलिया में एच5 बर्ड फ्लू से पहली बार देशी समुद्री पक्षियों की सामूहिक मौत, सरकार ने जताई चिंता