पंजाब में 2027 विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच कांग्रेस पार्टी ने अपने संगठन में बड़ा फेरबदल किया है, लेकिन इस बदलाव के बाद अंदरूनी असंतोष की खबरें सामने आने लगी हैं। सूत्रों के अनुसार, पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और जालंधर सांसद चरणजीत सिंह चन्नी संगठनात्मक बदलावों से नाराज़ बताए जा रहे हैं।
कांग्रेस हाईकमान द्वारा घोषित नई टीम में अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीपीसीसी) अध्यक्ष के रूप में बरकरार रखा गया है, जबकि प्रताप सिंह बाजवा को विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। इन नियुक्तियों के बाद कई हफ्तों से चल रही अटकलों पर विराम लग गया है।
हालांकि, सूत्रों का कहना है कि चन्नी हाईकमान के फैसलों से संतुष्ट नहीं हैं। इसी बीच उन्होंने अपने समर्थकों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं की एक बैठक मोरिंडा (रोपड़ जिला) में सुबह 11 बजे बुलाई है, जिस पर राजनीतिक हलकों की नजर बनी हुई है।
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बताया जा रहा है कि चन्नी ने उन्हें चुनाव अभियान समिति का अध्यक्ष बनाए जाने के बाद से मीडिया से दूरी बना ली है और इस पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, जिससे उनकी नाराज़गी की अटकलें और तेज हो गई हैं।
दूसरी ओर, कांग्रेस ने संगठन को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण नियुक्तियां की हैं। सुखविंदर डैनी, राज कुमार वेरका और संगत सिंह गिलजियां को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है। ये सभी नेता 2027 चुनावों में पार्टी की रणनीति को मजबूत करने का काम करेंगे।
चरणजीत सिंह चन्नी को चुनाव अभियान समिति की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि विजय इंदर सिंगला को चुनाव प्रबंधन और समन्वय समिति का प्रमुख बनाया गया है। इसके अलावा सुखजिंदर सिंह रंधावा को कोर कमेटी का प्रभारी और अमर सिंह को घोषणापत्र समिति का अध्यक्ष बनाया गया है।
पार्टी का यह कदम चुनाव से पहले संगठन को मजबूत करने की कोशिश माना जा रहा है, लेकिन साथ ही अंदरूनी असंतोष भी चर्चा में आ गया है।
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