नई दिल्ली में चल रहे 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने नाइजीरिया और क्यूबा के अपने समकक्षों के साथ महत्वपूर्ण द्विपक्षीय चर्चा की। उन्होंने नाइजीरिया की विदेश मंत्री बियांका ओडुमेग्वु-ओजुक्वु और क्यूबा के विदेश मंत्री ब्रूनो रोड्रिगेज पैरिल्ला से मुलाकात की।
नाइजीरियाई विदेश मंत्री के साथ मुलाकात को लेकर जयशंकर ने कहा कि बियांका ओडुमेग्वु-ओजुक्वु से मिलना अच्छा रहा। दोनों नेताओं के बीच बातचीत मुख्य रूप से आर्थिक सहयोग और दोनों देशों के लोगों के बीच संबंधों को मजबूत करने पर केंद्रित रही।
भारत और नाइजीरिया के बीच लंबे समय से आर्थिक और कूटनीतिक संबंध हैं। ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान हुई यह बातचीत दोनों देशों के बीच सहयोग के नए अवसर तलाशने के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। दोनों पक्षों ने आपसी संपर्क और लोगों के बीच संबंधों को और मजबूत करने पर विचार किया।
और पढ़ें: BRICS में परमाणु प्रतिष्ठानों पर हमलों को लेकर चिंता, संघर्ष के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर
इसके बाद विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने क्यूबा के विदेश मंत्री ब्रूनो रोड्रिगेज पैरिल्ला के साथ भी बैठक की। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स इंडिया 2026 के दौरान क्यूबा के विदेश मंत्री से मुलाकात अच्छी रही। दोनों नेताओं के बीच दक्षिण-दक्षिण सहयोग को लेकर उपयोगी विचार-विमर्श हुआ।
दक्षिण-दक्षिण सहयोग विकासशील देशों के बीच आर्थिक, तकनीकी और कूटनीतिक सहयोग को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। भारत लंबे समय से इस तरह के सहयोग को मजबूत करने की दिशा में काम करता रहा है।
18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भारत की मेजबानी के बीच विदेश मंत्री की ये बैठकें वैश्विक दक्षिण के देशों के साथ भारत के संबंधों को मजबूत करने की कोशिश के तौर पर देखी जा रही हैं। सम्मेलन के दौरान कई देशों के नेताओं और वरिष्ठ अधिकारियों के बीच द्विपक्षीय बैठकों का दौर जारी है।
और पढ़ें: BRICS शिखर सम्मेलन 2026: नई दिल्ली घोषणा अपनाई गई, आज अंतिम सत्र में जुटेंगे विश्व नेता