भारत की मिश्रित कंपाउंड तीरंदाजी जोड़ी साहिल जाधव और चिकिता तनीपर्थी ने जापान के आइची-नागोया में जारी एशियाई खेल 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीत लिया। भारतीय जोड़ी ने बुधवार, 30 सितंबर को बेहद रोमांचक फाइनल में दक्षिण कोरिया को शूट-ऑफ में हराया। इस जीत के साथ भारत ने 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के कंपाउंड मिश्रित टीम मुकाबले के लिए कोटा स्थान भी हासिल कर लिया।
यह एशियाई खेलों में भारत का आठवां स्वर्ण और बुधवार का दूसरा स्वर्ण पदक है। इससे पहले भारतीय महिला कंपाउंड तीरंदाजी टीम ने चीन को हराकर स्वर्ण पदक जीता था।
साहिल और चिकिता का फाइनल मुकाबला दक्षिण कोरिया के जंगयून पार्क और चोई यून ग्यू के खिलाफ हुआ। निर्धारित चार सेट के बाद दोनों टीमों का स्कोर 157-157 से बराबर रहा, जिसके बाद मुकाबला शूट-ऑफ में पहुंचा। भारत ने अंततः 158-157 के अंतर से जीत दर्ज की।
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भारतीय जोड़ी ने पहले सेट में 40-39 की बढ़त बनाई। दूसरे सेट के बाद स्कोर 80-78 और तीसरे सेट के बाद भारत 118-117 से आगे था। चौथे सेट में दक्षिण कोरिया ने 40 अंक बनाए, जबकि भारत 39 अंक ही जुटा सका। इससे स्कोर बराबर हो गया।
शूट-ऑफ में चिकिता और दक्षिण कोरिया की पार्क ने 10-10 अंक हासिल किए। साहिल ने भी 10 अंक बनाए। भारत को स्वर्ण के लिए दक्षिण कोरिया के चोई के अंतिम निशाने का इंतजार करना पड़ा। चोई ने 9 अंक बनाए और इसी के साथ भारत ने स्वर्ण अपने नाम कर लिया।
भारतीय जोड़ी ने सेमीफाइनल में थाईलैंड को 156-155 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी।
यह 2026 एशियाई खेलों में तीरंदाजी में भारत का दूसरा स्वर्ण है। महिला कंपाउंड टीम ने एक दिन पहले चीन को 238-234 से हराया था। प्रीथिका प्रदीप, ज्योति सुरेखा वेन्नम और चिकिता तनीपर्थी की टीम ने 238 अंक बनाकर दक्षिण कोरिया के विश्व रिकॉर्ड की बराबरी भी की। भारत की कुल पदक संख्या अब 54 हो गई है, जिसमें आठ स्वर्ण शामिल हैं।
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