इंग्लैंड के नवनियुक्त टेस्ट मुख्य कोच स्टीफन फ्लेमिंग ने टीम के पुनर्निर्माण को लेकर अपनी दीर्घकालिक योजना साझा की है। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य इंग्लैंड को दुनिया की नंबर एक टेस्ट टीम बनाना है। फ्लेमिंग के सामने टीम की पहचान और खिलाड़ियों के व्यवहार पर भी विशेष ध्यान देने की चुनौती होगी।
फ्लेमिंग की नियुक्ति के साथ ब्रेंडन मैकुलम का इंग्लैंड टेस्ट टीम के मुख्य कोच के रूप में कार्यकाल समाप्त हो गया। मैकुलम के दौर को ‘बैजबॉल’ शैली के लिए जाना गया। अब फ्लेमिंग के नेतृत्व में इंग्लैंड अपनी टेस्ट टीम को नए सिरे से तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ेगा।
फ्लेमिंग ने कहा कि वह इंग्लैंड को टेस्ट क्रिकेट की नंबर एक टीम के रूप में देखना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि एशेज उनके लिए बेहद खास है और न्यूजीलैंड के खिलाड़ी के रूप में उन्होंने अपने पूरे क्रिकेट जीवन में इस ऐतिहासिक मुकाबले को देखा और पसंद किया है। इंग्लैंड के साथ इसका हिस्सा बनना उनके लिए विशेष अनुभव होगा।
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फ्लेमिंग ने टीम की पहचान को लेकर भी अपनी प्राथमिकताएं बताईं। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों का इंग्लैंड और पूरी टीम का प्रतिनिधित्व करने का तरीका उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण होगा। उनके मुताबिक, टीम की खेलने की शैली भी इसी पहचान के साथ विकसित होगी और इसमें खिलाड़ियों की भूमिका अधिक महत्वपूर्ण होगी।
उन्होंने कहा कि टीम के भीतर अपनापन और एकजुटता की भावना पैदा करना जरूरी है। फ्लेमिंग का मानना है कि मजबूत टीम पहचान के साथ ही खेलने की शैली को बेहतर तरीके से विकसित किया जा सकता है।
श्रीलंका से वनडे सीरीज खेलेगा इंग्लैंड
इंग्लैंड का अगला टेस्ट मुकाबला अभी दूर है। फिलहाल टीम वनडे क्रिकेट पर ध्यान केंद्रित कर रही है। इंग्लैंड और श्रीलंका के बीच वनडे सीरीज का पहला मुकाबला 22 सितंबर को चेस्टर-ले-स्ट्रीट के रिवरसाइड ग्राउंड में खेला जाएगा।
सीरीज के दूसरे और तीसरे वनडे 24 और 27 सितंबर को क्रमशः लीड्स और लंदन में होंगे। 2027 वनडे विश्व कप को देखते हुए यह सीरीज इंग्लैंड के लिए तैयारी का महत्वपूर्ण अवसर होगी।
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