अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि तेहरान उनकी हत्या की कोशिश करता है तो अमेरिका बड़े पैमाने पर सैन्य जवाब देगा। ट्रंप ने दावा किया कि ईरान को निशाना बनाने के लिए अमेरिका की 1000 मिसाइलें तैयार स्थिति में हैं।
ट्रंप ने कहा कि ये मिसाइलें "लॉक और लोडेड" हैं तथा ईरान के इस्लामिक गणराज्य की ओर लक्षित हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ईरानी सरकार अमेरिकी राष्ट्रपति की हत्या या हत्या की कोशिश में शामिल होती है तो अमेरिका की जवाबी कार्रवाई बेहद गंभीर होगी।
उन्होंने कहा कि अमेरिका पहले ही सैन्य आदेश जारी कर चुका है और अमेरिकी सेना एक वर्ष तक सतर्क रहेगी, जिसे आवश्यकता पड़ने पर आगे बढ़ाया जा सकता है। ट्रंप ने कहा कि ऐसी स्थिति में अमेरिका ईरान के सभी क्षेत्रों को "पूरी तरह नष्ट करने" की क्षमता रखता है।
और पढ़ें: तेलंगाना में POCSO केस से नाराज युवक ने पत्नी और बच्चों समेत 6 लोगों की हत्या की
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब वॉशिंगटन और तेहरान के बीच तनाव काफी बढ़ गया है। ट्रंप ने हालिया अमेरिकी और इजराइली हमलों का जिक्र करते हुए ईरान पर लगातार निशाना साधा है। इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत की रिपोर्टों के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है।
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान अब अमेरिका के साथ बातचीत करना चाहता है क्योंकि वह सैन्य और आर्थिक दबाव का सामना कर रहा है। उन्होंने ईरान की अर्थव्यवस्था पर टिप्पणी करते हुए कहा कि देश महंगाई की गंभीर समस्या से जूझ रहा है।
दूसरी ओर, ईरान में खामेनेई के अंतिम संस्कार के दौरान ट्रंप के खिलाफ गुस्सा देखने को मिला। बड़ी संख्या में लोगों ने बदले की मांग की और अमेरिका तथा इजराइल विरोधी नारे लगाए। वहां मौजूद लोगों ने ट्रंप और इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
कवि मोहम्मद रसूली ने अंतिम संस्कार कार्यक्रम में ट्रंप की हत्या को लेकर उकसाने वाला बयान दिया, जिसे भीड़ ने समर्थन दिया। इससे दोनों देशों के बीच पहले से तनावपूर्ण संबंध और अधिक संवेदनशील हो गए हैं।
और पढ़ें: बद्रीनाथ मंदिर में चढ़ावे के कथित दुरुपयोग की जांच के लिए उत्तराखंड सरकार ने गठित की तीन सदस्यीय समिति