पूर्व दक्षिण अफ्रीका कप्तान एबी डीविलियर्स ने कहा है कि युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को केवल टी20 विशेषज्ञ के रूप में नहीं, बल्कि टेस्ट और वनडे क्रिकेट के लिए भी तैयार किया जाना चाहिए। डीविलियर्स का मानना है कि 15 वर्षीय इस खिलाड़ी के लिए सबसे बड़ी परीक्षा तब शुरू होगी जब वह लंबी फॉर्मेट में कदम रखेगा।
वैभव सूर्यवंशी ने पिछले एक साल में अपनी शानदार बल्लेबाजी के दम पर भारतीय क्रिकेट में खूब चर्चा बटोरी है। इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के युवा टूर्नामेंटों में उनकी डोमिनेंट परफॉर्मेंस ने उन्हें युवा क्रिकेट में खास पहचान दिलाई। अंडर-19 वर्ल्ड कप के फाइनल में उनके नाबाद 175 रनों ने भारत को छठा खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई।
उनकी निडर बल्लेबाजी और तेजी से उभरती प्रतिभा ने जनता और पूर्व क्रिकेटरों का ध्यान खींचा है। कई पूर्व क्रिकेटरों ने उनकी टी20 इंटरनेशनल में ओपनिंग की इच्छा जाहिर की है।
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हालांकि, डीविलियर्स का मानना है कि सूर्यवंशी के लिए असली चुनौती टी20 के बाहर होगी। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या युवा खिलाड़ी टेस्ट क्रिकेट की चुनौतियों में भी समान प्रभुत्व बनाए रख पाएगा। डीविलियर्स का कहना है कि यदि सही मार्गदर्शन न मिला, तो वह केवल टी20 विशेषज्ञ ही रह सकते हैं।
डीविलियर्स ने कहा, “इस उम्र में यह उपलब्धि अद्भुत है। प्रतिभा है, लेकिन मैं उन्हें अन्य फॉर्मेट में भी देखना चाहता हूँ। टेस्ट क्रिकेट में आपको पता नहीं होता कि क्या आने वाला है। सही मार्गदर्शन से ही उनका क्रिकेट मानसिक और शारीरिक रूप से और विकसित हो सकता है।”
उन्होंने आगे कहा कि युवा क्रिकेटरों पर जल्दी प्रसिद्धि का दबाव आता है, लेकिन सूर्यवंशी के पास भविष्य की चुनौतियों से निपटने की क्षमता है। डीविलियर्स उम्मीद करते हैं कि वह टेस्ट क्रिकेट में भारत का प्रतिनिधित्व करें और लंबा, सफल करियर बनाएं।
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