डेनमार्क के महान बैडमिंटन खिलाड़ी विक्टर एक्सेलसन ने 32 वर्ष की उम्र में पेशेवर बैडमिंटन से संन्यास लेने की घोषणा कर दी है। इस फैसले के साथ ही उनके 16 साल लंबे शानदार करियर का अंत हो गया है।
विक्टर एक्सेलसन दो बार के ओलंपिक चैंपियन और दो बार के विश्व चैंपियन रहे हैं। वे तीन बार यूरोपीय चैंपियन, थॉमस कप विजेता और लंबे समय तक विश्व नंबर-1 खिलाड़ी भी रहे हैं।
हाल के महीनों में वे लगातार पीठ की चोट (back injury) से जूझ रहे थे। उन्होंने आखिरी बार बीडब्ल्यूएफ चाइना मास्टर्स 2025 में हिस्सा लिया था। इसके बाद से उनकी फिटनेस लगातार प्रभावित रही।
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एक्सेलसन ने कहा कि पीठ की चोट के कारण वे न तो ठीक से अभ्यास कर पा रहे हैं और न ही उच्च स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर पा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पिछले साल सर्जरी के बाद भी उनकी स्थिति में पूरी तरह सुधार नहीं हुआ और अक्टूबर में फिर से समस्या बढ़ गई।
उन्होंने कहा कि डॉक्टरों से सलाह लेने के बाद यह निर्णय लेना पड़ा। उनके अनुसार, दर्द इतना अधिक है कि आगे फिर से सर्जरी की आवश्यकता पड़ सकती है और उसके बाद भी पूरी तरह खेलने की संभावना अनिश्चित है।
डॉक्टरों ने भी उन्हें सलाह दी कि लगातार चोट और दर्द के साथ उच्च स्तर पर खेलना संभव नहीं है, इसलिए उन्होंने संन्यास का कठिन फैसला लिया।
विक्टर एक्सेलसन ने अपने करियर में कुल 572 मैच जीते और केवल 160 मुकाबले हारे। वे 183 सप्ताह तक विश्व नंबर-1 रहे, जिनमें 132 सप्ताह लगातार शीर्ष स्थान पर बने रहे।
उन्होंने 2016 ओलंपिक में कांस्य पदक जीता और इसके बाद 2020 टोक्यो और 2024 पेरिस ओलंपिक में लगातार स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया।
उनके संन्यास को बैडमिंटन जगत में एक युग के अंत के रूप में देखा जा रहा है।
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