भारत की पहली महिला राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने महिला आरक्षण कानून “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” का समर्थन करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। उन्होंने इस कानून को देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने वाला ऐतिहासिक कदम बताया है।
अपने पत्र में उन्होंने लिखा कि यह संविधान संशोधन महिलाओं की अधिक भागीदारी सुनिश्चित कर संसद और विधानसभाओं में उनकी भूमिका को मजबूत करेगा। उन्होंने कहा, “मैं इस ऐतिहासिक पहल के लिए हार्दिक आभार व्यक्त करती हूँ, जो महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में अधिक प्रतिनिधित्व देकर भारत के लोकतंत्र को सशक्त बनाएगा।”
प्रतिभा पाटिल ने यह भी उल्लेख किया कि अपने राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान उन्होंने महिलाओं के सशक्तिकरण और समान अवसरों को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया था। उन्होंने इस पहल में शामिल सभी हितधारकों की भी सराहना की।
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वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी महिला आरक्षण कानून को तेजी से लागू करने की दिशा में प्रयास तेज कर दिए हैं। उन्होंने “नारी शक्ति” को संबोधित करते हुए इसे एक महत्वपूर्ण सुधार बताया और सभी राजनीतिक दलों से समर्थन की अपील की है।
लोकसभा और राज्यसभा के सभी दलों के फ्लोर लीडर्स को लिखे पत्र में प्रधानमंत्री ने आगामी संसद सत्र में इस कानून के क्रियान्वयन को प्राथमिकता देने का आग्रह किया है।
यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब सरकार आगामी संसद सत्र में संविधान संशोधन से जुड़े इस महत्वपूर्ण विधेयक पर आगे बढ़ने की तैयारी कर रही है।
भारतीय जनता पार्टी ने अपने सांसदों को तीन-लाइन व्हिप जारी करते हुए 16 से 18 अप्रैल तक सदन में उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं।
गौरतलब है कि महिला आरक्षण अधिनियम सितंबर 2023 में पारित हुआ था, जिसका उद्देश्य संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए सीटों का आरक्षण सुनिश्चित करना है।
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