भारतीय क्रिकेट टीम के प्रमुख खिलाड़ी शुभमन गिल और रोहित शर्मा को आगामी टूर्नामेंट से पहले सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में फिटनेस टेस्ट से गुजरना होगा। इस टेस्ट का उद्देश्य खिलाड़ियों की शारीरिक स्थिति और प्रतिस्पर्धा की तैयारी का आकलन करना है।
टीम के अन्य सदस्यों के साथ गिल और शर्मा 4 सितंबर को दुबई में एकत्र होंगे। इसके बाद भारतीय टीम 9 सितंबर को टूर्नामेंट के उद्घाटन मैच में मेजबान संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के खिलाफ मैदान में उतरेगी। फिटनेस टेस्ट और प्रशिक्षण सत्र खिलाड़ियों को मैचों के लिए तैयार करने का अहम हिस्सा है, जिससे उनकी प्रदर्शन क्षमता और चोट से बचाव सुनिश्चित किया जा सके।
भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) के अनुसार, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में फिटनेस टेस्ट के दौरान खिलाड़ियों की स्टैमिना, ताकत, गति और लचीलापन का मूल्यांकन किया जाएगा। इस प्रक्रिया के दौरान टीम के फिजियो और कोचिंग स्टाफ खिलाड़ियों की स्थिति पर ध्यान देंगे और आवश्यकतानुसार उन्हें व्यक्तिगत प्रशिक्षण देंगे।
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विशेषज्ञों का कहना है कि यह टेस्ट न केवल खिलाड़ियों के वर्तमान फिटनेस स्तर का पता लगाएगा, बल्कि आगामी टूर्नामेंट में उनकी रणनीति और प्रदर्शन की दिशा भी तय करेगा। गिल और शर्मा जैसे अनुभवी खिलाड़ी फिटनेस टेस्ट से गुजरकर टीम के बाकी सदस्यों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बनेंगे।
इसके अलावा, यह टेस्ट टीम चयन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। कोच और चयनकर्ता खिलाड़ियों की फिटनेस रिपोर्ट के आधार पर अंतिम प्लेइंग इलेवन और रणनीति तय करेंगे।
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