अभिनेता राजपाल यादव को चेक बाउंस से जुड़े सात मामलों में सुप्रीम कोर्ट से अस्थायी राहत मिली है। अदालत ने उन्हें दो सप्ताह के भीतर दो करोड़ रुपये का डिमांड ड्राफ्ट जमा करने और बकाया राशि के लिए जमानत देने का निर्देश दिया है।
राजपाल यादव और उनकी पत्नी राधा यादव ने दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने नोटिस जारी किया और अभिनेता को फिलहाल राहत दी। हालांकि, अदालत ने इसे राजपाल यादव के लिए अंतिम अवसर बताया है। साथ ही उन्हें अपना पासपोर्ट भी जमा करने का निर्देश दिया गया है।
यह मामला मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े सात चेक बाउंस मामलों का है। दिल्ली हाईकोर्ट ने राजपाल यादव को सभी मामलों में दोषी ठहराते हुए प्रत्येक मामले में तीन महीने की सजा सुनाई थी। जुलाई में हाईकोर्ट ने उनकी दोषसिद्धि बरकरार रखी थी।
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इससे पहले इसी महीने सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें 9 सितंबर तक अदालत की रजिस्ट्री में पांच करोड़ रुपये जमा करने का निर्देश दिया था। ऐसा नहीं करने पर उन्हें जेल की सजा काटनी पड़ सकती थी। सातों मामलों में कुल 7.35 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है। प्रत्येक मामले में 1.05 करोड़ रुपये जुर्माना है। इसमें 1,04,75,000 रुपये शिकायतकर्ता को और 25,000 रुपये राज्य को दिए जाने हैं।
यह विवाद राजपाल यादव की 2012 में रिलीज हुई फिल्म ‘अता पता लापता’ से जुड़े कथित बकाये का है। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सकी थी और फिल्म के निर्माण के लिए लिया गया कर्ज ब्याज के साथ बढ़ता गया।
राजपाल यादव को इससे पहले 18 मार्च 2026 को जमानत मिली थी। मामले के लंबे समय से चलने के कारण अभिनेता ने आर्थिक और भावनात्मक परेशानियों का भी जिक्र किया था। उनकी गिरफ्तारी के बाद सलमान खान, सोनू सूद समेत कई लोगों द्वारा आर्थिक मदद की पेशकश किए जाने की खबरें सामने आई थीं।
राजपाल यादव हाल ही में अक्षय कुमार की फिल्म ‘भूत बंगला’ और ‘वेलकम टू द जंगल’ में नजर आए हैं।
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