भारत में फॉर्मूला-1 की वापसी की उम्मीद बढ़ गई है। केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने भारत में एफ-1 और अन्य मोटरस्पोर्ट्स की संभावित वापसी का रोडमैप तैयार करने के लिए 10 सदस्यीय टास्क फोर्स के गठन की घोषणा की है।
टास्क फोर्स का मुख्य उद्देश्य भारत में 2028 तक फॉर्मूला-1 रेस की वापसी की संभावनाओं का आकलन करना और इसके रास्ते में आने वाली चुनौतियों की पहचान करना है। समिति का नेतृत्व नीति आयोग के कार्यक्रम निदेशक और सलाहकार युगल किशोर जोशी करेंगे। खेल मंत्रालय के संयुक्त सचिव कुणाल भी इसका हिस्सा होंगे।
समिति में फेडरेशन ऑफ मोटर स्पोर्ट्स क्लब्स ऑफ इंडिया (एफएमएससीआई), बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट (बीआईसी), मद्रास इंटरनेशनल सर्किट (एमआईसी) समेत मोटरस्पोर्ट्स से जुड़े अन्य संगठनों के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाएगा।
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मनसुख मांडविया के अनुसार, समिति भारत में मोटरस्पोर्ट्स के सतत विकास के लिए व्यापक उपाय सुझाएगी और फॉर्मूला-1 की वापसी के लिए समन्वित रोडमैप तैयार करेगी। उन्होंने कहा कि समिति इस बात का विस्तृत आकलन करेगी कि एफ-1 को दोबारा भारत लाने में कौन-कौन सी बाधाएं सामने आ सकती हैं और उन्हें दूर करने के लिए किन नीतिगत बदलावों की जरूरत होगी।
उन्होंने बताया कि टास्क फोर्स कराधान से जुड़े मुद्दों पर भी विचार करेगी। इसके अलावा सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल की संभावनाओं का भी अध्ययन किया जाएगा, ताकि मोटरस्पोर्ट्स के लिए टिकाऊ आर्थिक व्यवस्था तैयार की जा सके।
भारत ने आखिरी बार 2013 में ग्रेटर नोएडा स्थित बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट पर फॉर्मूला-1 रेस की मेजबानी की थी। इसके बाद नौकरशाही और कर संबंधी विवादों के कारण भारत को एफ-1 कैलेंडर से हटा दिया गया था।
नई समिति की रिपोर्ट और सिफारिशों के आधार पर भारत में एफ-1 की वापसी की दिशा में आगे की रणनीति तय की जाएगी।
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