विश्व बैंक समूह (WBG) के अध्यक्ष अजय बंगा ने गुरुवार को कहा कि भारत को वैश्विक व्यापार के मौजूदा परिदृश्य में शुल्क (टैरिफ) पर कम और अवसरों पर अधिक ध्यान देना चाहिए। उन्होंने भारत को उभरता हुआ वैश्विक व्यापार बाजार बताते हुए भारत–यूरोपीय संघ (ईयू) व्यापार समझौते की सराहना की और कहा कि दोनों पक्षों द्वारा टैरिफ और गैर-टैरिफ बाधाओं को कम करने से दोनों देशों के लोगों को लाभ होगा।
अजय बंगा ने कहा कि भारत-ईयू व्यापार समझौता एक सकारात्मक कदम है, क्योंकि इससे व्यापार में आसानी बढ़ेगी, निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका की ओर से टैरिफ दबाव के बीच भारत को केवल शुल्क विवादों में उलझने के बजाय दीर्घकालिक आर्थिक संभावनाओं पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
विश्व बैंक प्रमुख ने बताया कि भारत में पांच ऐसे प्रमुख क्षेत्र हैं, जहां बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित किए जा सकते हैं। इनमें बुनियादी ढांचा (इंफ्रास्ट्रक्चर), कृषि, प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं, पर्यटन और मूल्य-वर्धित विनिर्माण (वैल्यू-एडेड मैन्युफैक्चरिंग) शामिल हैं। उनके अनुसार, इन क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने से न केवल रोजगार पैदा होंगे, बल्कि समावेशी और टिकाऊ आर्थिक विकास को भी बल मिलेगा।
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ओडिशा दौरे के दौरान अजय बंगा ने भुवनेश्वर स्थित सेंट्रल टूल रूम एंड ट्रेनिंग सेंटर (CTTC) का भी दौरा किया। यह केंद्र केंद्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) मंत्रालय के तहत कार्य करता है और उद्योगों के साथ सीधे जुड़कर युवाओं को रोजगार के लिए तैयार तकनीकी कौशल प्रदान करता है।
उन्होंने कहा कि कौशल विकास और उद्योग से जुड़ी प्रशिक्षण संस्थाएं भारत की जनसांख्यिकीय क्षमता को रोजगार में बदलने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।
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