आंध्र प्रदेश में शिक्षक भर्ती को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) ने राज्य सरकार पर शिक्षक भर्ती परीक्षा डीएससी से जुड़े मुद्दों पर चर्चा से बचने का आरोप लगाते हुए विधान परिषद में बहस कराने की मांग की है। पार्टी ने भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच कराने की भी मांग उठाई है।
वाईएसआरसीपी के केंद्रीय कार्यालय में सोमवार को मीडिया को संबोधित करते हुए पार्टी नेता अप्पी रेड्डी ने सरकार से सवाल किया कि उसने डीएससी के मुद्दे पर चर्चा के लिए पार्टी की ओर से लाए गए स्थगन प्रस्ताव को क्यों खारिज किया। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षक भर्ती से जुड़े गंभीर सवालों के जवाब देने के बजाय सरकार इस मुद्दे को टालने की कोशिश कर रही है।
अप्पी रेड्डी ने कहा कि वाईएसआरसीपी के सदस्य विधान परिषद में डीएससी से संबंधित अनियमितताओं और अभ्यर्थियों की समस्याओं पर सरकार से जवाब मांग रहे थे। उनका आरोप है कि इसी दौरान नारा लोकेश ने विधानसभा में इस मुद्दे पर अपनी बात रखने का विकल्प चुना।
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वाईएसआरसीपी नेता ने कहा कि शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बेहद जरूरी है, क्योंकि इससे हजारों अभ्यर्थियों का भविष्य जुड़ा हुआ है। पार्टी का कहना है कि यदि भर्ती प्रक्रिया में किसी प्रकार की गड़बड़ी या अनियमितता हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
पार्टी ने मांग की कि विधान परिषद में डीएससी को लेकर विस्तृत चर्चा कराई जाए और अभ्यर्थियों की शिकायतों का समाधान किया जाए। साथ ही कथित अनियमितताओं की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी सीबीआई से कराने की मांग भी दोहराई गई।
वाईएसआरसीपी ने सरकार से भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और प्रभावित अभ्यर्थियों को न्याय दिलाने की अपील की है। मामले को लेकर राज्य की राजनीति में भी सियासी टकराव बढ़ता दिखाई दे रहा है।
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