जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में आतंकियों के साथ हुई मुठभेड़ में घायल हुए एक भारतीय सेना के जवान ने सोमवार को इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। शहीद जवान विशेष बल के हवलदार गजेंद्र सिंह थे, जो रविवार रात आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
यह मुठभेड़ रविवार (18 जनवरी, 2026) की रात किश्तवाड़ के सिंगपुरा इलाके में चल रहे ‘ऑपरेशन त्राशी-1’ के तहत हुई। इस दौरान आतंकियों ने ऊंचाई पर अपनी मजबूत स्थिति का फायदा उठाते हुए तलाशी दलों पर ग्रेनेड फेंके और AK-47 से अंधाधुंध फायरिंग की। इस हमले में कुल आठ सैनिक घायल हो गए थे, जिनमें हवलदार गजेंद्र सिंह भी शामिल थे।
सोमवार को भारतीय सेना की व्हाइट नाइट कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (GOC) और सभी रैंकों ने शहीद जवान को श्रद्धांजलि अर्पित की। सेना ने कहा कि विशेष बल के हवलदार गजेंद्र सिंह ने ऑपरेशन त्राशी-1 के दौरान आतंकवाद विरोधी अभियान को वीरता से अंजाम देते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया।
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पोस्ट में कहा गया, “हम उनके अदम्य साहस, वीरता और कर्तव्य के प्रति निस्वार्थ समर्पण को नमन करते हैं और इस गहरे दुख की घड़ी में शोक संतप्त परिवार के साथ मजबूती से खड़े हैं।”
सेना और सुरक्षा बलों ने इलाके में आतंकियों की घेराबंदी और तलाशी अभियान को और तेज कर दिया है। ड्रोन, खोजी कुत्तों और अतिरिक्त बलों की मदद से पूरे क्षेत्र में सघन तलाशी ली जा रही है, ताकि आतंकियों को भागने का कोई मौका न मिले।
यह मुठभेड़ एक बार फिर दिखाती है कि देश की सुरक्षा के लिए हमारे जवान किस तरह कठिन परिस्थितियों में भी अपने कर्तव्य का पालन करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने से पीछे नहीं हटते।
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