भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता रविंद्र रैना ने कहा है कि अनुच्छेद 370 को निरस्त किए जाने के बाद जम्मू-कश्मीर में सभी वर्गों को न्याय मिला है और राज्य में लोकतंत्र, विकास तथा सामाजिक समानता को नई मजबूती मिली है। उन्होंने कहा कि 5 अगस्त का दिन जम्मू-कश्मीर और पूरे देश के लिए ऐतिहासिक महत्व रखता है।
रविंद्र रैना ने अपने बयान में कहा कि अनुच्छेद 370 जम्मू-कश्मीर और देश के बीच एक ऐसी दीवार बन गया था, जिसने अलगाववाद और आतंकवाद को बढ़ावा दिया। उनके अनुसार, इस प्रावधान के कारण जमीनी स्तर पर लोकतांत्रिक व्यवस्था पूरी तरह विकसित नहीं हो सकी और समाज के कई वर्ग अपने अधिकारों से वंचित रहे।
उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद अनुसूचित जनजाति (एसटी), अनुसूचित जाति (एससी), अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी), महिलाओं, शरणार्थियों और समाज के अन्य वंचित वर्गों को संविधान के तहत मिलने वाले अधिकार और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समान रूप से मिलने लगा है। उनके अनुसार, अब जम्मू-कश्मीर में विकास योजनाओं का लाभ बिना किसी भेदभाव के लोगों तक पहुंच रहा है।
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रैना ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में जम्मू-कश्मीर में पंचायती राज संस्थाओं को मजबूती मिली है और लोकतांत्रिक प्रक्रिया अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी हुई है। उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार की नीतियों के कारण क्षेत्र में विकास परियोजनाओं, बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसरों में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
भाजपा नेता ने कहा कि केंद्र सरकार का उद्देश्य जम्मू-कश्मीर को शांति, समृद्धि और विकास के रास्ते पर आगे बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 हटाने का निर्णय देश की एकता और अखंडता को मजबूत करने वाला ऐतिहासिक कदम साबित हुआ है। साथ ही उन्होंने लोगों से शांति और विकास की इस यात्रा में सहयोग करने की अपील भी की।
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