दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल तथा उनके परिवार के चार सदस्यों को विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के तहत नोटिस जारी किया गया है। नोटिस “अनमैप्ड विद लास्ट SIR” श्रेणी में दिए गए हैं।
केजरीवाल के अलावा उनकी पत्नी सुनीता केजरीवाल, 25 वर्षीय बेटे पुलकित केजरीवाल, पिता गोबिंद राम केजरीवाल और मां गीता देवी को भी नोटिस मिला है। ये सभी नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र के विधानसभा क्षेत्र संख्या 40 के एक विशेष पार्ट सेगमेंट में नोटिस पाने वाले 110 लोगों में शामिल हैं।
नोटिस पर प्रतिक्रिया देते हुए आम आदमी पार्टी ने सोशल मीडिया मंच पर सवाल उठाया कि तीन बार दिल्ली के मुख्यमंत्री रहे अरविंद केजरीवाल और उनके परिवार के नाम दिल्ली की मतदाता सूची से कैसे गायब हो सकते हैं। यह पार्टी की प्रतिक्रिया है; नोटिस की श्रेणी निर्वाचन रिकॉर्ड के सत्यापन से जुड़ी है।
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दिल्ली में SIR के तहत 31 अगस्त को मसौदा मतदाता सूची प्रकाशित हुई थी। इसमें करीब 97.54 लाख मतदाता शामिल हैं, जबकि लगभग 47.57 लाख नाम मसौदा सूची में नहीं थे। अधिकारियों के अनुसार, दावे और आपत्तियां 30 सितंबर तक दाखिल की जा सकती हैं। अंतिम मतदाता सूची 4 नवंबर को प्रकाशित की जानी है।
मसौदा सूची में नाम शामिल नहीं होने वाले मतदाताओं को निर्धारित प्रक्रिया के तहत दावा दाखिल करने का अवसर दिया गया है। निर्वाचन अधिकारी दावों और आपत्तियों की जांच के बाद प्रक्रिया पूरी करेंगे। इस बीच, केजरीवाल और उनके परिवार को मिले नोटिस SIR प्रक्रिया के तहत सत्यापन से जुड़े हैं।
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