बहुचर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में पुणे ग्रामीण पुलिस ने वडगांव मावल कोर्ट में करीब 2,500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। इसमें व्हाट्सऐप चैट, तस्वीरें, मोबाइल डेटा, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), गवाहों के बयान और तकनीकी विश्लेषण से जुड़े दस्तावेज शामिल हैं। पुलिस ने करीब 80 से 85 गवाहों के बयान दर्ज किए हैं।
लोनावला पुलिस का दावा है कि केतन अग्रवाल की मौत हादसा नहीं, बल्कि कथित तौर पर सोची-समझी साजिश का नतीजा थी। मामले में केतन की मंगेतर सिया गोयल, उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी और सह-आरोपी रितेश हांगे को आरोपी बनाया गया है। पुलिस के अनुसार, सिया और चेतन ने मिलकर केतन को रास्ते से हटाने की साजिश रची।
चार्जशीट में दावा किया गया है कि जांच के दौरान सिया की इंटरनेट सर्च हिस्ट्री में इंदौर के राजा रघुवंशी हत्याकांड से संबंधित सर्च मिली। पुलिस को सिया और चेतन के बीच हजारों कॉल और चैट्स के रिकॉर्ड भी मिले हैं।
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पुलिस के मुताबिक, सिया पहले केतन को लोहागढ़ ले गई थी और 14 जून को कथित तौर पर उसे चट्टान से धक्का देने की कोशिश की गई थी। हालांकि, केतन झाड़ी पकड़कर बच गया था।
18 जून को केतन सिया और दो दोस्तों के साथ लोहागढ़ किला गया था। शुरुआती तौर पर इसे दुर्घटना माना गया था, लेकिन सीसीटीवी फुटेज में हुडी पहने एक व्यक्ति को उनका पीछा करते देखा गया। पुलिस ने उसकी पहचान चेतन के रूप में की। जांच में चेतन के फोन और इंटरनेट गतिविधियों से जुड़े रिकॉर्ड भी सामने आए।
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