असम सरकार ने वीआईपी काफिलों की आवाजाही के दौरान एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन वाहनों को किसी भी स्थिति में नहीं रोकने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) की ओर से सभी जिला आयुक्तों (डीसी) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों (एसएसपी) को इस संबंध में सख्त दिशानिर्देश जारी किए गए हैं।
यह आदेश बुधवार को सिलचर में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के काफिले को रास्ता देने के लिए एक एंबुलेंस को रोके जाने के बाद उठे विवाद के बीच आया है। एंबुलेंस में 42 वर्षीय मरीज रसराज चक्रवर्ती को सिलचर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एसएमसीएच) ले जाया जा रहा था। गुरुवार तड़के इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
हालांकि, एसएमसीएच प्रशासन और मरीज के परिजनों ने स्पष्ट किया कि उनकी मौत यातायात रोके जाने की वजह से नहीं हुई। बताया गया कि रसराज चक्रवर्ती सिरोसिस से पीड़ित थे और उनका मामला लंबे समय से चल रही गंभीर बीमारी से जुड़ा था।
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मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी आदेश में सभी डीसी और एसएसपी को निर्देश दिया गया है कि वीआईपी काफिले की व्यवस्था के कारण किसी भी परिस्थिति में एंबुलेंस या अन्य आपातकालीन वाहनों की आवाजाही बाधित नहीं होनी चाहिए।
सीएमओ ने आदेश जारी करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के काफिले के गुजरने के दौरान आम लोगों को असुविधा न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। सुरक्षा आवश्यकताओं के अनुरूप मुख्यमंत्री के काफिले को भी न्यूनतम स्तर तक सीमित किया गया है।
सरकार ने दोहराया कि आपातकालीन वाहनों, विशेष रूप से एंबुलेंस, दमकल वाहनों और पुलिस प्रतिक्रिया वाहनों को हर समय बिना बाधा रास्ता दिया जाना चाहिए। अधिकारियों से इन निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।
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