गुवाहाटी/नई दिल्ली
असम विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेन कुमार बोरा ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना त्यागपत्र कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को भेजा और राज्य नेतृत्व से असंतोष जताया।
इस्तीफे के बाद बोरा ने कहा, “मैंने इस्तीफा क्यों दिया, यह बताना जरूरी नहीं समझता। मैंने अपना इस्तीफा हाईकमान को भेज दिया है।”
रिपोर्ट्स के मुताबिक, बोरा ने अपने पत्र में आरोप लगाया कि उन्हें पार्टी में नजरअंदाज किया जा रहा था और महत्वपूर्ण संगठनात्मक फैसलों में उनसे सलाह नहीं ली जा रही थी। उन्होंने ‘माजुली यात्रा’ का जिक्र करते हुए कहा, “अगर कांग्रेस यह तय नहीं कर पा रही कि वह माजुली यात्रा में किसे साथ रखना चाहती है, तो हमें पार्टी के भविष्य पर विचार करना होगा।”
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बोरा ने यह भी बताया कि इस्तीफे के बाद कई राजनीतिक दलों के नेताओं ने उनसे संपर्क किया। उन्होंने कहा, “अखिल गोगोई ने अपने दरवाजे खुले होने की बात कही। लुरिन गोगोई का भी फोन आया। सीपीआई(एम) ने संपर्क किया। यहां तक कि कांग्रेस हाईकमान ने भी बात की।”
इस बीच, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने संकेत दिया कि बोरा का बीजेपी में स्वागत किया जा सकता है। उन्होंने कहा, “हम भूपेन बोरा का बीजेपी में स्वागत करने के लिए तैयार हैं।”
भूपेन बोरा 2021 से 2025 तक असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रहे और पिछले वर्ष उनकी जगह गौरव गोगोई को नियुक्त किया गया था। दो बार विधायक रह चुके बोरा का इस्तीफा ऐसे समय आया है जब कांग्रेस असम में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रही है।
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