ओडिशा की क्षेत्रीय पार्टी बीजू जनता दल (बीजद) के भीतर उस समय असंतोष खुलकर सामने आ गया, जब केंद्रपाड़ा जिले के पट्कुरा से विधायक अरविंद मोहापात्रा के निलंबन को लेकर उनके सैकड़ों समर्थकों ने पार्टी के क्षेत्रीय कार्यालय का घेराव कर दिया। समर्थकों की मांग थी कि पार्टी अध्यक्ष और ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक स्वयं निलंबन के “सटीक” और स्पष्ट कारण बताएं।
बीजद ने शुक्रवार को अरविंद मोहापात्रा को “विभिन्न कारणों” का हवाला देते हुए निलंबित किया था। हालांकि पार्टी की ओर से अब तक निलंबन के ठोस और एकरूप कारण सार्वजनिक रूप से नहीं बताए गए हैं। इसी को लेकर विधायक के समर्थकों में नाराजगी बढ़ती गई और उन्होंने पार्टी नेतृत्व से जवाबदेही की मांग की।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि पार्टी अलग-अलग मंचों पर निलंबन को लेकर अलग-अलग कारण बता रही है, जिससे भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है। समर्थकों ने आरोप लगाया कि एक युवा विधायक के साथ अन्याय किया गया है और पार्टी को पारदर्शिता दिखानी चाहिए। घेराव के दौरान नारेबाजी हुई और पार्टी नेतृत्व से सीधे संवाद की मांग की गई।
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बीजू जनता दल, जिसने वर्षों तक ओडिशा में पूर्ण बहुमत के साथ शासन किया है, में आमतौर पर अनुशासन कड़ा माना जाता रहा है। पार्टी के भीतर निलंबन जैसे मामलों पर इस तरह का खुला और लगातार विरोध बहुत कम देखने को मिला है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह घटना बीजद के भीतर बढ़ते असंतोष और जमीनी स्तर पर नेताओं की बेचैनी की ओर इशारा करती है।
हालांकि पार्टी नेतृत्व की ओर से इस विरोध पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन माना जा रहा है कि यह मामला आने वाले दिनों में बीजद की आंतरिक राजनीति में अहम भूमिका निभा सकता है। समर्थकों ने चेतावनी दी है कि यदि निलंबन के कारण स्पष्ट नहीं किए गए, तो उनका आंदोलन और तेज हो सकता है।
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