भारत की मेजबानी में 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन शनिवार को नई दिल्ली में आयोजित होने जा रहा है। सम्मेलन में शामिल होने के लिए कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष और शीर्ष नेता राजधानी पहुंच चुके हैं। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे।
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच महत्वपूर्ण द्विपक्षीय वार्ता होगी। बैठक में दोनों देशों के बीच संबंधों को स्थिर करने और आपसी रिश्तों को बेहतर बनाने पर मुख्य रूप से चर्चा होने की संभावना है।
प्रधानमंत्री मोदी इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबिय अहमद अली और मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ भी द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इसके अलावा वह अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात करेंगे। वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हंग के साथ भी प्रधानमंत्री की द्विपक्षीय बैठक प्रस्तावित है।
और पढ़ें: भारत में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी अनूठी उपलब्धि, हिमंत बिस्व सरमा ने कांग्रेस पर साधा निशाना
सम्मेलन से पहले शुक्रवार को प्रधानमंत्री मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन समेत कई वैश्विक नेताओं से मुलाकात की। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भी प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था के महत्व पर जोर दिया।
गुटेरेस ने बदलती वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए बहुपक्षीय संस्थानों में सुधार की आवश्यकता बताई। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार को भी समकालीन वैश्विक वास्तविकताओं के अनुरूप जरूरी बताया।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयसस और बेलारूस के विदेश मंत्री मैक्सिम रिजेनकोव भी ब्रिक्स सम्मेलन में भाग लेने के लिए भारत पहुंच चुके हैं। सम्मेलन में वैश्विक सहयोग, आर्थिक विकास और बहुपक्षीय व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी।
और पढ़ें: दुनिया में हो रहे बड़े संरचनात्मक बदलाव, जी-7 से आगे बढ़ चुकी है वैश्विक व्यवस्था: पुतिन