केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार (1 फरवरी, 2026) को पेश किए गए केंद्रीय बजट में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को राहत देने के लिए एक बड़ा ऐलान किया। बजट भाषण के दौरान उन्होंने ₹10,000 करोड़ के ‘एसएमई ग्रोथ फंड’ की घोषणा की, जिसका उद्देश्य देशभर के लाखों छोटे व्यवसायों और उद्यमों को नया प्रोत्साहन देना है।
वित्त मंत्री ने कहा कि यह फंड एमएसएमई क्षेत्र को नई ऊर्जा देने में अहम भूमिका निभाएगा, खासकर उन इकाइयों के लिए जो वित्तीय दबाव और सीमित ऋण उपलब्धता की समस्या से जूझ रही हैं। मौजूदा समय में कई छोटे और मध्यम उद्यमों को कर्ज प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, ऐसे में यह फंड उद्यमियों के लिए वित्त तक आसान पहुंच सुनिश्चित करेगा।
सरकार के अनुसार, एसएमई ग्रोथ फंड का उपयोग औद्योगिक क्लस्टरों के आधुनिकीकरण, तकनीकी उन्नयन और उत्पादन क्षमता बढ़ाने में किया जाएगा। इससे न केवल छोटे उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता में सुधार होगा, बल्कि रोजगार सृजन को भी बढ़ावा मिलेगा।
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बजट 2026 में यह भी संकेत दिया गया कि इस फंड के माध्यम से बैंकों और वित्तीय संस्थानों के साथ मिलकर एमएसएमई के लिए क्रेडिट पाइपलाइन को मजबूत किया जाएगा। इससे छोटे कारोबारियों को कार्यशील पूंजी और विस्तार के लिए आवश्यक वित्तीय सहायता मिल सकेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल ऐसे समय में आई है जब कई एमएसएमई महामारी के बाद के असर और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं से उबरने की कोशिश कर रहे हैं। सरकार का यह कदम न केवल एमएसएमई क्षेत्र को पुनर्जीवित करेगा, बल्कि समग्र आर्थिक विकास को भी गति देगा।
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