केंद्र सरकार ने रविवार (1 फरवरी, 2026) को पेश किए गए केंद्रीय बजट में देशभर के सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व वाले स्थलों के संरक्षण और प्रचार के लिए एक नई पहल की घोषणा की। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ‘राष्ट्रीय डेस्टिनेशन डिजिटल नॉलेज ग्रिड’ स्थापित करने का प्रस्ताव रखा, जिसके तहत देश के सभी महत्वपूर्ण स्थलों का डिजिटल दस्तावेजीकरण किया जाएगा।
बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री ने कहा कि यह डिजिटल ग्रिड भारत के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर स्थलों की जानकारी को एकीकृत मंच पर उपलब्ध कराएगा। इससे न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि शोध, शिक्षा और संरक्षण के प्रयासों को भी मजबूती मिलेगी।
पर्यटन क्षेत्र की रोजगार सृजन और विदेशी मुद्रा अर्जन में अहम भूमिका को रेखांकित करते हुए सीतारमण ने राष्ट्रीय होटल प्रबंधन एवं कैटरिंग प्रौद्योगिकी परिषद को उन्नत कर ‘राष्ट्रीय आतिथ्य संस्थान’ (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी) स्थापित करने का भी प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि यह संस्थान शिक्षा जगत, उद्योग और सरकार के बीच सेतु का कार्य करेगा।
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इसके साथ ही वित्त मंत्री ने हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में पर्यावरणीय रूप से टिकाऊ पर्वतीय ट्रेल्स विकसित करने की घोषणा की। इसका उद्देश्य प्राकृतिक सौंदर्य को संरक्षित रखते हुए पर्यटन को बढ़ावा देना है।
बजट में 15 पुरातात्विक स्थलों को ‘जीवंत अनुभवात्मक सांस्कृतिक गंतव्यों’ के रूप में विकसित करने का भी प्रस्ताव है। इनमें लोथल, धोलावीरा, राखीगढ़ी, सारनाथ, हस्तिनापुर और लेह पैलेस जैसे प्रमुख स्थल शामिल हैं। इन स्थलों पर क्यूरेटेड वॉकवे, इमर्सिव स्टोरीटेलिंग तकनीक, संरक्षण प्रयोगशालाएं और व्याख्या केंद्र विकसित किए जाएंगे।
इसके अलावा, 20 प्रतिष्ठित पर्यटन स्थलों पर 10,000 गाइडों को कौशल प्रशिक्षण देने के लिए एक पायलट योजना भी प्रस्तावित की गई है। यह 12-सप्ताह का मानकीकृत उच्च गुणवत्ता प्रशिक्षण कार्यक्रम हाइब्रिड मोड में, एक भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) के सहयोग से संचालित किया जाएगा।
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