कलकत्ता हाईकोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के महासचिव और लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी की उस याचिका पर तेज सुनवाई (फास्ट-ट्रैक हियरिंग) की मांग को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने आंखों के इलाज के लिए विदेश यात्रा की अनुमति मांगी थी।
यह मामला न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की सिंगल-जज बेंच के समक्ष बुधवार (24 जून, 2026) को सुनवाई के लिए आया। अदालत ने स्पष्ट कहा कि इस मामले में तेजी से सुनवाई का कोई उचित कारण नहीं है, इसलिए इसे सामान्य प्रक्रिया के तहत ही सुना जाएगा।
अभिषेक बनर्जी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर विदेश में इलाज के लिए यात्रा की अनुमति मांगी थी। इसके साथ ही उन्होंने मामले की जल्द सुनवाई की भी मांग की थी। लेकिन अदालत ने फास्ट-ट्रैक सुनवाई की अर्जी को स्वीकार नहीं किया।
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गौरतलब है कि इससे पहले एक अन्य सिंगल-जज बेंच के आदेश के बाद पश्चिम बंगाल पुलिस के सीआईडी (CID) द्वारा अभिषेक बनर्जी से पूछताछ भी की गई थी। यह जांच एमएलए हस्ताक्षर मिलान मामले से जुड़ी थी, जिसमें तृणमूल कांग्रेस के कुछ विधायकों के हस्ताक्षरों को लेकर विवाद सामने आया था।
पहले न्यायमूर्ति कौशिक चंदा की बेंच ने उन्हें अंतरिम सुरक्षा देते हुए कुछ शर्तें भी लगाई थीं, जिनमें बिना अदालत की अनुमति विदेश यात्रा पर रोक शामिल थी। इसी शर्त के कारण अभिषेक बनर्जी ने अब अदालत से विशेष अनुमति की मांग की थी।
अभिषेक बनर्जी का स्वास्थ्य संबंधी इतिहास भी रहा है। वर्ष 2016 में मुर्शिदाबाद से कलकत्ता लौटते समय एक सड़क दुर्घटना में उनकी आंख में गंभीर चोट आई थी, जिसके बाद उन्होंने देश और विदेश में इलाज कराया था।
अब अदालत ने साफ कर दिया है कि विदेश यात्रा की अनुमति वाली याचिका पर सुनवाई सामान्य प्रक्रिया के तहत होगी, जबकि तेजी से सुनवाई की मांग को अस्वीकार कर दिया गया है।
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