केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल में केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती की अवधि को एक महीने के लिए और बढ़ा दिया है। गृह मंत्रालय (एमएचए) द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) की 500 कंपनियां अब 20 जून 2026 तक राज्य में तैनात रहेंगी।
अधिसूचना में बताया गया है कि इन 500 कंपनियों में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की 200 कंपनियां, सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की 150 कंपनियां तथा केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की 50-50 कंपनियां शामिल हैं।
गृह मंत्रालय ने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार के अनुरोध पर यह निर्णय लिया गया है। मंत्रालय ने राज्य सरकार से यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि केंद्रीय बलों की तैनाती के लिए आवश्यक परिवहन, आवास, लॉजिस्टिक्स और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
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यह फैसला ऐसे समय में आया है जब मुख्यमंत्री सुवेन्दु अधिकारी ने हाल ही में मुख्य सचिव और गृह सचिव के साथ बैठक कर चुनाव बाद की स्थिति की समीक्षा की थी। इसके बाद उन्होंने केंद्रीय बलों की तैनाती को निर्धारित दो महीने की अवधि से आगे बढ़ाने का अनुरोध किया था।
इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी चुनावी रैली के दौरान कहा था कि पश्चिम बंगाल में केंद्रीय बल सामान्य 60 दिनों की अवधि से अधिक समय तक तैनात रहेंगे।
रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्रीय बल संवेदनशील इलाकों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में राज्य पुलिस की मदद करेंगे। उनका मुख्य उद्देश्य शांति बनाए रखना और किसी भी अप्रिय घटना को रोकना है। राज्य पुलिस और केंद्रीय बलों के बीच समन्वय लगातार जारी है।
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